Image Loading naxalites make new weapons arrow bombs - Hindustan
सोमवार, 24 अप्रैल, 2017 | 14:52 | IST
Mobile Offers Flipkart Mobiles Snapdeal Mobiles Amazon Mobiles Shopclues Mobiles
खोजें
ब्रेकिंग
  • टीवी गॉसिप: 'अकबर' का गुस्सा, एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर पर बोले, केस कर दूं, मगर...यहां...
  • टॉप 10 न्यूज़: विडियो में देखें देश और दुनिया की अभी तक की बड़ी खबरें
  • बाल-बाल बचे दिल्ली-कोलकाता एयर इंडिया विमान के यात्री, कोलकाता एयरपोर्ट पर...
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलीं जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती,...
  • स्पोर्ट्स स्टार: RCB कप्तान विराट ने मैच के बाद कहा, 'ये इतना बुरा था कि अभी..' यहां...
  • बॉलीवुड मसालाः बाहुबली-2 का पहला गाना आया और इंटरनेट पर मच गया धमाल, इसके अलावा...
  • टॉप 10 न्यूज: सुबह 9 बजे तक देश-दुनिया की खबरें एक नजर में
  • हेल्थ टिप्स: गर्मियों में रोजाना पीयें मट्ठा, कैलोरी व फैट रखेगा नियंत्रित
  • ओपिनियनः पढ़ें मिंट के संपादक आर सुकुमार का लेख- स्टार्ट-अप में उतार-चढ़ाव का दौर
  • मौसम दिनभरः दिल्ली-एनसीआर, लखनऊ, पटना और रांची में आज रहेगी गर्मी। देहरादून में...
  • ईपेपर हिन्दुस्तानः आज का अखबार पढ़ने के लिए क्लिक करें
  • आपका राशिफलः वृष राशि वालों को माता-पिता का सानिध्य एवं सहयोग मिलेगा। नौकरी में...
  • सक्सेस मंत्र: खुद पर विश्वास रखेंगे तो जरूर आगे बढ़ेंगे
  • टॉप 10 न्यूज: देश-दुनिया की खबरें पढ़ें एक नजर में
  • KKRvRCB: कोलकाता ने बैंगलोर को 82 रन से हराया

घातक : नक्सलियों का नया हथियार बना ‘तीर बम’

पटना, प्रियरंजन शर्मा First Published:18-03-2017 12:42:44 AMLast Updated:18-03-2017 12:42:44 AM

नक्सलियों ने परंपरागत तीर-धनुष को विस्फोटक से लैस कर सुरक्षाबलों के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। 11 मार्च को छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सलियों ने इन्हीं ‘तीर बमों’ का प्रयोग किया था। इस हमले में सीआरपीएफ के 12 जवान शहीद हो गए थे।

नक्सलियों ने तीर पर ‘इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस’ (आईईडी) लगाकर हमले किए। जानकारों के मुताबिक तीर के अगले हिस्से पर डेटोनेटर लगाकर उसे बम बनाया गया था। यह बेहद घातक होता है। जैसे ही यह तीर किसी चीज से टकराएगा विस्फोट होगा। ऐसे में तीर के जवान से टकराते ही धमाके से नुकसान तय है। सुकमा में नक्सलियों ने ऐसा ही किया।

तीर बमों को प्रेशर तकनीक से बनाया गया था। इन पर एल्युमीनियम का खोल चढ़ाया गया था। जानकारों का मानना है कि इस तरह के हथियार मिलना स्पष्ट संकेत है कि नक्सली हमले के नए तरीके खोज रहे हैं।

सुकमा में गश्त कर रहे जवानों पर दोतरफा हमला हुआ था। पहले तो उन पर विस्फोटक लगे तीर बरसाए गए, इसके बाद बारूदी सुरंगों का विस्फोट कराया गया। तीरों से हो रहे हमले को देखकर जवानों ने जैसे ही पेड़ या ऊंचे स्थान के पीछे छिपकर जवाबी कार्रवाई के लिए मोर्चा संभाला, वहां पहले से ही बिछाई गई बारूदी सुरंगों के धमाके हो गए। नक्सलियों ने हमले के लिए पूरी तरह जाल बुन रखा था। सुकमा में नक्सलियों की हर चाल कामयाब रही। नक्सलियों की नई रणनीति ने अब अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है।

सुकमा हमले में पहली बार इस्तेमाल

11 मार्च को सुकमा हमले में नक्सलियों ने पहली बार ‘तीर बमों’ का इस्तेमाल किया। इससे पहले नक्सली जहर लगे तीर का प्रयोग करते थे।

‘सुकमा में नक्सलियों द्वारा अपनाए गए हमले के नए तरीके पर बिहार पुलिस से जानकारी साझा की गई है। इसकी जांच जारी है।’ एमएस भाटिया, आईजी सीआरपीएफ, बिहार सेक्टर


जरूर पढ़ें

 
Hindi News से जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
Web Title: naxalites make new weapons arrow bombs
 
 
 
अन्य खबरें
 
From around the Web
 
जरूर पढ़ें
क्रिकेट स्कोरबोर्ड
संबंधित ख़बरें