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आइडिया-वोडाफोन का विलय होगा

दूरसंचार क्षेत्र की दो दिग्गज कंपनियों आइडिया-वोडाफोन ने सोमवार को अपने विलय की घोषणा कर दी। हालांकि, विलय की प्रक्रिया दो साल में पूरी होगी। प्रक्रिया पूरी होने के बाद नई कंपनी राजस्व और ग्राहकों के मामले में देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी बन जाएगी।

रिलायंस जियो के दूरसंचार क्षेत्र में उतरने से बढ़ी प्रतिस्पर्धा से निपटने के लिए दोनों कंपनियों ने यह कदम उठाया है।

शेयरों की अदला-बदली होगी : वोडाफोन के सीईओ विटोरियो कोलाओ और कुमार मंगलम बिड़ला ने एक साझा प्रेसवार्ता में बताया कि विलय शेयरों की अदला-बदली के जरिये होगा। इसमें इंडस टॉवर्स में वोडाफोन की 42 प्रतिशत हिस्सेदारी को शामिल नहीं किया जाएगा। जबकि आदित्य बिड़ला समूह को 3,874 करोड़ रुपये में 4.9 %इक्विटी हस्तांतरित करने के बाद नई कंपनी में वोडाफोन की 45.1 % हिस्सेदारी होगी। वहीं, आइडिया सेल्यूलर की हिस्सेदारी 26% रहेगी, जबकि शेष हिस्सेदारी सार्वजनिक शेयरधारकों के पास होगी।

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  • Web Title:idea vodafone mergers