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अपने दिल को दें सेहत की खुराक
First Published:15-05-12 10:06 PM
हृदय संबंधी रोगों का सीधा संबंध हमारी जीवनशैली और खानपान से है। यही वजह है कि संतुलित आहार और तंदुरुस्त जीवनशैली को अपना कर दिल को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है। किन चीजों को खान-पान में शामिल करना दिल की सेहत के लिए लाभकारी हो सकता है, आइये जानें -
लीन प्रोटीन वाले भोजन का चयन करें: लीन-प्रोटीन यानी प्रोटीन के ऐसे स्त्रोत जिनमें वसा और कैलोरी की मात्रा कम होती है। लीन प्रोटीन आहार तृप्ति को बढ़ाता है, जिससे बार-बार खाने की इच्छा नहीं होती। यदि वजन कम करना भी आपका मकसद है तो इसे शामिल करना अच्छा रहेगा। भोजन में कम से कम 6.25 ग्राम सोया प्रोटीन शामिल करें। मछली भी लीन प्रोटीन का अच्छा स्त्रोत है। सालमोन मछली में ओमेगा 3 फैटी एसिड काफी मात्रा में होता है, जो दिल के लिए लाभकारी है।
- बोनलैस चिकन को आहार में शामिल करें और उसे पकाने से पहले अतिरिक्त वसा को निकाल दें। मछली, चिकन और कम चर्बी वाले मांस को पकाने के लिए बॉयलिंग, ग्रिलिंग, पोचिंग और बेकिंग आदि तरीके अपनाएं।
- खाना पकाने की विधि भी इस दृष्टि से मायने रखती है। अधिक तला हुआ खाने की जगह चीजों को भूनना या भाप में पकाना अधिक बेहतर होगा। वसा और कैलोरी की मात्रा भी घटाना चाहते हैं तो तले हुए खाने से परहेज करना अच्छी शुरुआत होगी।
- फूड लेबल को अवश्य देखें व संतृप्त वसा के स्तर पर ध्यान दें। ऐसे खाद्य पदार्थों का चुनाव करें जिनमें संतृप्त वसा का स्तर कम होता है। उदाहरण के लिए, फुलक्रीम दूध में प्रति सर्विंग 5 ग्राम वसा होती है। तीन औंस मछली में 1 ग्राम से कम वसा होती है। अंडे की जर्दी, दूध, पनीर, फुलक्रीम दूध, क्रीम, आइसक्रीम, मक्खन और वसा युक्त मांस (अधिक प्रोटीन वाला मांस) अधिक संतृप्त वसा वाले स्रोत हैं। ऐसे में टोंड दूध का चुनाव करना अच्छा होगा।
- ऐसा भोजन खाएं, जिसमें घुलनशील रेशे की मात्रा अधिक हो। इनमें जई, चोकर, मटर, मसूर दाल, बींस (जैसे किडनी, ब्लैक और नेवी बींस), कुछ अनाज और बिना पॉलिश वाले चावल शामिल हैं।
- नमक और मक्खन की बजाय सब्जियों और आलू का स्वाद बढ़ाने के लिए जड़ी- बूटी और मसालों का इस्तेमाल करें। मलाई या दही आधारित डिप के लिए नमक से परहेज करें। आलू में नमक की बजाय कटा हुआ प्याज या ताजा लहसुन स्वाद के अनुसार मिला सकते हैं। सब्जियां पकाते समय पानी में नमक न डालें। इसकी बजाय पकी हुई मटर या मक्का थोड़े मक्खन के साथ मिलाएं। चाइनीज फाइव स्टार मसाले, लौंग, दालचीनी एवं काली मिर्च के साथ ग्रीन बींस भी स्वादिस्ट लगते हैं। ब्रोकोली या फूलगोभी बनाते समय पानी में चुटकी भर लौंग का इस्तेमाल करें। भोजन को मक्का, सूरजमुखी, जैतून, मूंगफली और तिल के तेल जैसे कम संतृप्त वसा वाले तेल के साथ पकाएं।
स्वस्थ हृदय के लिए स्नैक्स
सब्जियां एवं फल, विटामिन और मिनरल के अच्छे स्रोत हैं। इनमें कैलोरी की मात्रा कम और फाइबर की अधिक होती है। सब्जियों और फलों में अनेक ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो हृदय संबंधी रोगों की रोकथाम में लाभकारी होते हैं। ऑफिस में शाम के समय के नाश्ते में पनीर, स्नैक फूड या मांसाहारी चीजों का चुनाव करने की जगह फल-सब्जियां व स्प्राउट्स का इस्तेमाल करना अधिक बेहतर होगा। चेरी का सेवन भी अच्छा रहता है। प्रत्येक चेरी में कैलोरी की मात्रा महज 20 होती है और इसमें वसा या कोलेस्ट्रॉल भी नहीं होता।
- ब्रोकोली व फूलगोभी में विटामिन सी और के, पोटैशियम, कैल्शियम, आयरन एवं फोलिक एसिड पाया जाता है। इन्हें कच्चा, हल्का पका कर या स्टर-फ्राई यानी थोड़े से गर्म तेल में तेजी से भून कर पकाकर खाना अच्छा रहेगा। लहसुन एवं प्याज को प्राकृतिक एंटीबायोटिक गुणों के लिए जाना जाता है। प्याज के पत्ते, छोटे प्याज का पौधा, हरे प्याज व लहसुन को कच्चे व पका कर दोनों रूपों में खा सकते हैं। डॉ. सुधीर श्रीवास्तव, कार्डियोथौरेसिस सजर्न, इंटरनेशनल सेंटर फॉर रोबोटिक सर्जरी
लीन प्रोटीन वाले भोजन का चयन करें: लीन-प्रोटीन यानी प्रोटीन के ऐसे स्त्रोत जिनमें वसा और कैलोरी की मात्रा कम होती है। लीन प्रोटीन आहार तृप्ति को बढ़ाता है, जिससे बार-बार खाने की इच्छा नहीं होती। यदि वजन कम करना भी आपका मकसद है तो इसे शामिल करना अच्छा रहेगा। भोजन में कम से कम 6.25 ग्राम सोया प्रोटीन शामिल करें। मछली भी लीन प्रोटीन का अच्छा स्त्रोत है। सालमोन मछली में ओमेगा 3 फैटी एसिड काफी मात्रा में होता है, जो दिल के लिए लाभकारी है।
- बोनलैस चिकन को आहार में शामिल करें और उसे पकाने से पहले अतिरिक्त वसा को निकाल दें। मछली, चिकन और कम चर्बी वाले मांस को पकाने के लिए बॉयलिंग, ग्रिलिंग, पोचिंग और बेकिंग आदि तरीके अपनाएं।
- खाना पकाने की विधि भी इस दृष्टि से मायने रखती है। अधिक तला हुआ खाने की जगह चीजों को भूनना या भाप में पकाना अधिक बेहतर होगा। वसा और कैलोरी की मात्रा भी घटाना चाहते हैं तो तले हुए खाने से परहेज करना अच्छी शुरुआत होगी।
- फूड लेबल को अवश्य देखें व संतृप्त वसा के स्तर पर ध्यान दें। ऐसे खाद्य पदार्थों का चुनाव करें जिनमें संतृप्त वसा का स्तर कम होता है। उदाहरण के लिए, फुलक्रीम दूध में प्रति सर्विंग 5 ग्राम वसा होती है। तीन औंस मछली में 1 ग्राम से कम वसा होती है। अंडे की जर्दी, दूध, पनीर, फुलक्रीम दूध, क्रीम, आइसक्रीम, मक्खन और वसा युक्त मांस (अधिक प्रोटीन वाला मांस) अधिक संतृप्त वसा वाले स्रोत हैं। ऐसे में टोंड दूध का चुनाव करना अच्छा होगा।
- ऐसा भोजन खाएं, जिसमें घुलनशील रेशे की मात्रा अधिक हो। इनमें जई, चोकर, मटर, मसूर दाल, बींस (जैसे किडनी, ब्लैक और नेवी बींस), कुछ अनाज और बिना पॉलिश वाले चावल शामिल हैं।
- नमक और मक्खन की बजाय सब्जियों और आलू का स्वाद बढ़ाने के लिए जड़ी- बूटी और मसालों का इस्तेमाल करें। मलाई या दही आधारित डिप के लिए नमक से परहेज करें। आलू में नमक की बजाय कटा हुआ प्याज या ताजा लहसुन स्वाद के अनुसार मिला सकते हैं। सब्जियां पकाते समय पानी में नमक न डालें। इसकी बजाय पकी हुई मटर या मक्का थोड़े मक्खन के साथ मिलाएं। चाइनीज फाइव स्टार मसाले, लौंग, दालचीनी एवं काली मिर्च के साथ ग्रीन बींस भी स्वादिस्ट लगते हैं। ब्रोकोली या फूलगोभी बनाते समय पानी में चुटकी भर लौंग का इस्तेमाल करें। भोजन को मक्का, सूरजमुखी, जैतून, मूंगफली और तिल के तेल जैसे कम संतृप्त वसा वाले तेल के साथ पकाएं।
सब्जियां एवं फल, विटामिन और मिनरल के अच्छे स्रोत हैं। इनमें कैलोरी की मात्रा कम और फाइबर की अधिक होती है। सब्जियों और फलों में अनेक ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो हृदय संबंधी रोगों की रोकथाम में लाभकारी होते हैं। ऑफिस में शाम के समय के नाश्ते में पनीर, स्नैक फूड या मांसाहारी चीजों का चुनाव करने की जगह फल-सब्जियां व स्प्राउट्स का इस्तेमाल करना अधिक बेहतर होगा। चेरी का सेवन भी अच्छा रहता है। प्रत्येक चेरी में कैलोरी की मात्रा महज 20 होती है और इसमें वसा या कोलेस्ट्रॉल भी नहीं होता।
- ब्रोकोली व फूलगोभी में विटामिन सी और के, पोटैशियम, कैल्शियम, आयरन एवं फोलिक एसिड पाया जाता है। इन्हें कच्चा, हल्का पका कर या स्टर-फ्राई यानी थोड़े से गर्म तेल में तेजी से भून कर पकाकर खाना अच्छा रहेगा। लहसुन एवं प्याज को प्राकृतिक एंटीबायोटिक गुणों के लिए जाना जाता है। प्याज के पत्ते, छोटे प्याज का पौधा, हरे प्याज व लहसुन को कच्चे व पका कर दोनों रूपों में खा सकते हैं। डॉ. सुधीर श्रीवास्तव, कार्डियोथौरेसिस सजर्न, इंटरनेशनल सेंटर फॉर रोबोटिक सर्जरी
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