गुरुवार, 30 जुलाई, 2015 | 19:41 | IST
 |  Site Image Loading Image Loading
ब्रेकिंग
पाकिस्तान ने फिर तोड़ा सीजफायर, पुंछ में सीमापार से फायरिंगझारखंड: दुमका जिला के जामा के मोहलबनी गांव में एक युवक ने अपनी चाची पर डायन का आरोप लगाकर सब्बल से मारकर हत्या कर दी
देश का सांस्कृतिक झरोखा
संदीप जोशी First Published:31-03-2012 09:46:44 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM

प्रस्तुत पुस्तक में हमारे देश के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में संप्रदाय इतिहास का विवेचन करने का प्रयास किया गया है। कृष्ण बिहारी मिश्र भारतीय सांस्कृतिक इतिहास के मर्मज्ञ हैं और वह यहां एक तटस्थ भाव अपनाते हुए देश के सनातन स्वरूप में से कालांतर में उपजी सामाजिक-धार्मिक विविधता पर अपनी बात रखते हैं। लेखक भारतीय आध्यात्मिक दृष्टिकोण की मार्फत सांस्कृतिक बहुलता और देश की आत्मा में अंतर्निहित सर्वधर्म समभाव की मूल अवधारणा पर भी विमर्श करते हैं। मनुष्य और लोक के बीच की मूलभूत समानता के प्रति भी लेखक खुला नजरिया अपनाने की पैरवी करते हैं। पुस्तक देश की सांस्कृतिक धरोहर के मध्य पुराकाल से सामने आए विरोधाभासों को बताती है। भारत की जातीय पहचान, सनातन मूल्य, लेखक: कृष्ण बिहारी मिश्र, प्रकाशक : सस्ता साहित्य मंडल, नई दिल्ली-1, मूल्य: 150 रु.

मलयाली कथा साहित्य की झलक
दक्षिण के साहित्य जगत से हिन्दी पाठक इधर काफी तेजी से रूबरू हो रहे हैं। मलयालम साहित्य के कुछ दिग्गज लेखकों की संकलित कहानियां मलयाली समाज और साहित्य का बहुरंगी रूप दर्शाती हैं। उन्नीसवीं सदी के उत्तरार्ध से शुरू होने वाले आधुनिक मलयाली साहित्य का व्यापक फलक एक ही पुस्तक में समेटना कठिन है, लेकिन यह कहानियां वहां के जनजीवन का सुनहरा ब्योरा देती हैं। संपादक के अनुसार इनमें आलोचनात्मक कहानियां, भोगवादी संस्कृति का कच्च चिट्ठा पेश करने वाली कहानियां, प्रकृति प्रेम और मानवतावादी कहानियां हैं। वाइकोम मोहम्मद बशीर, एम. टी. वासुदेवन नायर जैसे बड़े कलमकारों की कृतियां भी संग्रह में शामिल की गई हैं। प्रतिनिधि मलयालम कहानियां, संपादक: पी.के.राधामणि, प्रकाशक: सस्ता साहित्य मंडल, नई दिल्ली-1, मूल्य: 170 रु.

सेल्समेनशिप पर गुरुमंत्र
पुस्तक मूलत: सेल्समेनशिप के व्यवसाय में सफलता प्राप्त करने के गुरुमंत्र देने का दावा करती है। सफल कैसे बनें मुद्दे से जुड़ी अनेकानेक पुस्तकों से यूं भी बाजार अटा पड़ा है, ऐसे में इस पुस्तक की सबसे बड़ी विशेषता इसके लेखक का नाम ही हो सकती है। शिव खेड़ा इससे पहले भी सफलता के कई एक मंत्र जन-साधारण के बीच फूंक चुके हैं, लेकिन इस पुस्तक में वह एक व्यवसाय विशेष पर बात कर रहे हैं। पुस्तक के अध्यायों में वह सेल्समैनशिप के क्षेत्र से जुड़े मूलमंत्रों के बीच सामान्य मनोविज्ञान को खासी जगह देते हैं। खरीदार के मनोविज्ञान की पकड़ ही सेल्स के क्षेत्र में महती भूमिका निभाती है, इस विषय पर विमर्श करते हुए लेखक दूर तक फोकस करते हैं। बेचना सीखो और सफल बनो, लेखक: शिव खेड़ा, प्रकाशक: वेस्टलेंड लि., चेन्नई-95, मूल्य : 225 रु.

स्त्री विमर्श और अन्य मुद्दे
प्रस्तुत कविता संग्रह में स्त्री विमर्श को केंद्र में रखा गया है। सवाल आज के दौर में स्त्री की पहचान का है और इसी पर कवयित्री पूजा खिल्लन अपना ध्यान केंद्रित रखती हैं। वह इस विषय पर अपनी बात रखते हुए कुछ पुराने संदर्भो को भी उठाती हैं और उन्हें आज से जोड़ते हुए कुछ सवाल उठाने का प्रयास करती हैं। वह कई अन्य विषय अपनी चिंता के दायरे में लाती हैं और कई स्थानों पर कुछ निष्कर्ष भी देने का प्रयास करती हैं। यह नतीजे कितने सार्थक हैं और कितने सटीक पर पाठकों की अपनी राय हो सकती है, परंतु इतना जरूर है कि स्त्री विमर्श का एक नया रूप पाठक को चाहिए, जो उदारवादी बयार की चपेट में आने वाली कथित मूल्य विहीनता पर भी बात करे। हाशिए की आग, कवयित्री: पूजा खिल्लन, प्रकाशक: स्वराज प्रकाशन, दरियागंज, नई दिल्ली-2, मूल्य: 150 रु.

 
 
 
|
 
 
जरूर पढ़ें
क्रिकेट
Image Loadingपे टीएम ने बीसीसीआई से 2019 तक प्रायोजन अधिकार खरीदे
पे टीएम के मालिक वन97 कम्युनिकेशंस ने आज भारत में अगले चार साल तक होने वाले घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों के अधिकार 203.28 करोड़ रूप में खरीद लिए।
 
क्रिकेट स्कोरबोर्ड