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होम लोन चुनते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। कई बार लोन का सही तरीके से चुनाव न करने का प्रभाव कुल लागत पर पड़ता है। होम लोन लेते वक्त ब्याज दरों के अलावा कई कीमतों और फायदों का विश्लेषण करना जरूरी है। लोन लेने वाला लोन के अमाउंट, अवधि के आधार पर मोलभाव भी कर सकता है।
ल्ल लोन एप्लीकेशन भरने के दौरान प्रोसेसिंग फीस अदा करनी पड़ती है। यह नॉन-रिफंडेबल होती है। आपने जितने लोन के लिए आवेदन किया है, उसके आधार पर यह .5 से 1 प्रतिशत तक बदल सकती है।
ल्ल फाइल चार्ज डाक्युमेंट तैयार करने का शुल्क होता है। कई बैंक इस शुल्क को उधार लेने वाले से लेते हैं।
ल्ल कमिटमेंट चार्ज तब अदा करना पड़ता है जब आपने लोन का इस्तेमाल एक निर्धारित अवधि में नहीं किया है।
ल्ल एडमिनिस्ट्रिशन फीस ऑफर स्वीकार करने पर दिया जाता है। कुछ बैंक प्रोसेसिंग और एडमिनिस्ट्रेशन फीस को एक साथ लगाते हैं।
ल्ल जब आप फ्लोटिंग रेट से फिक्स्ड रेट में मूव करते हैं, तो सामान्यत: ब्याज दरें ऊपर जाती हैं और उलट स्थिति में ब्याज दरें नीचे आती हैं।
ल्ल कुछ बैंक इस पर जोर देते हैं कि घर का इंश्योरेंस कराना चाहिए। कुछ बैंक फ्री इंश्योरेंस करते हैं जिससे लोन लेने वाले की आकस्मिक मृत्यु होने पर पूरा परिवार प्रभावित न हो। वहीं भूकंप, आग, दंगे की स्थिति में लोन लेने वाले को इंश्योरेंस दिया जाता है। कई बैंक लोन की अवधि पर फ्री टर्म इंश्योरेंस ऑफर करते हैं।
ल्ल जब लोन लेने वाला एक बैंक से दूसरे बैंक स्विच करता है क्योंकि दूसरा बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है तो बैंक पेनल्टी लगाते हैं।

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