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जब आप ज्यादा नेट असेट वैल्यू का वायदा करते हुए यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान के विज्ञापन देखते हैं तब आप क्या सोचते हैं? कई लोग ऐसा सोचते हैं कि हम ज्यादा रिटर्न बिना किसी जोखिम के पा सकते हैं। मुख्यत: ये कैपिटल गारंटी प्रोडक्ट होते हैं जो इस बात के प्रति आश्वस्त करते हैं कि जो अमाउंट आप निवेश करेंगे, उसकी वैल्यू कम नहीं होगी।
यह सोचना समझदारी नहीं कहा जाएगा कि सेंसेक्स लिंक्ड रिटर्न आपको बिना किसी जोखिम के मिल जाएगा। विशेषज्ञ कहते हैं कि आप ये उम्मीद नहीं कर सकते कि आपको इस तरह के फंड में इक्विटी जैसा फायदा नहीं मिलेगा। ऐसे में आपका जोखिम लेना जरूरी हो जाता है। पहले वर्ष में निवेश को डेट और इक्विटी में इस तरह बांटा जाए कि दस सालों के बाद आपको 10 रुपए एनएवी पक्का मिले। बाजार में उतार-चढ़ाव की स्थिति में फंड मैनेजर इक्विटी बेचेगा और बांड खरीदेगा ताकि आपकी पूंजी सुरक्षित रहे। अगर बाजार में स्थिरता है तो ये प्रोडक्ट बेहतर काम करेगा लेकिन वास्तविक जिंदगी में ऐसा कम ही देखने को मिलता है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि आपको गारंटी के लिए वार्षिक कीमत अदा करनी चाहिए बजाए मैनेजमेंट फीस अदा करने के। ऐसे में कभी-कभार ये प्लान इंश्योरेंस प्लान की तरह लगते हैं। गारंटी उत्पाद उन लोगों के लिए बेहतर होते हैं जो मूलधन पर जोखिम नहीं लेना चाहते। अगर आप इसे सेंसेक्स आधारित बिना जोखिम वाला समझ रहे हैं तो वास्तविकता समझों। कई विशेषज्ञ इस बात की सलाह देते हैं कि अगर आप निवेश में बिलकुल जोखिम नहीं लेना चाहते तो आप इंडेक्स फंड में निवेश करें।

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