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ऑफिस में हो जो जैसा करें उससे व्यवहार वैसा
First Published:28-06-12 10:07 PM
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नौकरी करना सिर्फ सौंपे गए काम को पूरा करके पैसा कमाना नहीं है। कार्यस्थल पर एक छत के नीचे काम करने वाले अलग-अलग लोगों से तालमेल बनाए रखते हुए खुद को प्रगति की ओर ले जाना भी नौकरी से जुड़ा जरूरी पक्ष है। फिर इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप क्या काम करते हैं और किस तरह के कार्यस्थल पर काम कर रहे हैं। ऑफिस में काम करने वाले विभिन्न व्यक्तित्वों और उनसे तालमेल बनाने की कला बता रही हैं रत्ना श्रीवास्तव

हम में से ज्यादातर की जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा कार्यस्थल यानी दफ्तरों में गुजरता है, जहां आपको तमाम तरह के लोगों के साथ मिलकर काम करना पड़ता है। इनमें से कुछ ऐसे भी होते हैं, जिनसे संवाद और व्यवहार करना आसान नहीं होता। वो आपके सहकर्मी भी हो सकते हैं और बॉस भी। पर यह सच है कि एक ही ऑफिस में लंबे समय तक सबसे अलग-थलग रह कर आप अपना काम पूरा नहीं कर सकते। विभिन्न व्यक्तित्वों के साथ मिल कर काम करने की कला आना जरूरी भी है और करियर के लिए अच्छा भी।

1. मिस्टर शिकायती
ये वो लोग होते हैं, जिन्हें हमेशा शिकायत ही रहती है। कभी सिस्टम से। कभी लोगों से। कभी नई प्रक्रिया से। कभी आगे बढ़ते लोगों से। यानी आप कह सकते हैं कि उन्हें सभी से शिकायत रहती है, खुद को छोड़ कर। ये काम करने से ज्यादा गॉसिप करने या बात को बढ़ा-चढ़ा कर पेश करने में यकीन रखते हैं। कंपनी के नये कर्मचारी इनकी गिरफ्त में जल्दी आते हैं।

इनके साथ क्या करें: जीई बेंगलुरू में सीनियर एडमिनिस्ट्रेशन मैनेजर मुक्ति श्रीवास्तव कहती हैं कि आमतौर पर ऐसे लोगों को बदल पाना आसान नहीं होता। अगर आप उनसे बात करना चाहेंगे तो उनके पास शिकायतों का अंबार भरा होगा। वह शायद ही कभी आपके दृष्टिकोण से सहमत होंगे।

सही कदम क्या है: बेहतर होगा कि उनसे अलग-थलग रहें। अगर आप बॉस हैं तो ऐसे लोगों की प्रकृति पहचानें। उनसे खुद उनके कामकाज की पड़ताल लें।

2. मिस्टर गुस्सैल
ऐसे लोगों के साथ काम करने या व्यवहार करने के लिए युक्ति और ताकत दोनों की जरूरत होती है। इस तरह के लोग ये महसूस कराये जाने पर कि वो गलत भी हो सकते हैं, तुरंत आपा खो देते हैं,  लड़ने-भिड़ने पर उतारू हो जाते हैं। ऐसा नहीं कि ये कार्यकुशल नहीं होते, पर इनके साथ संभल कर पेश आना पड़ता है। 

इनके साथ क्या करें: आप उनकी आक्रामकता या गलत तौर-तरीकों को बेशक फेवर न करें, पर जरूरतों को समझने की कोशिश करें। उनके साथ इस तरह से प्रगाढ़ता भी न बढ़ाएं कि इसे वे आपकी कमजोरी मानने लगें। इनके साथ वह कंफर्ट जोन विकसित करने का प्रयास करें, जिसमें उन्हें बिना गुस्से में लाए आप अपना काम कर सकें।

सही कदम क्या है: ज्यादातर मामलों में आक्रामक लोगों के खिलाफ तगड़ा जवाब देना गलत कदम हो सकता है। हां, उन्हें दंड देने की चेतावनी जरूर दें। ज्यादा बेहतर हो कि मिस्टर गुस्सैल का ध्यान हमेशा अर्थपूर्ण कामों या हल्की-फुल्की चर्चाओं में लगाएं।

3. मिस्टर अड़ियल
उस शख्स के बारे में क्या कहेंगे, जो कभी किसी की बात न सुनता हो। केवल अपनी बात पर अड़ा रहता हो। अपने ढंग से काम करता हो। आमतौर पर सहयोगियों और बॉस के प्रति ऐसे लोगों का रवैया अवज्ञापूर्ण होता है। ऐसे शख्स सलाह देने वालों को ही अपना शत्रु मान लेते हैं। 

इनके साथ क्या करें: ग्लोबल एच आर कंसल्टेंसी में कंसलटेंट सुभाष मल्होत्रा कहते हैं, ‘ऐसे लोगों की बात को सुनिये। उनसे कुछ सवालों पर स्पष्टीकरण लीजिये। ऐसे लोगों से न तो सहमत होने की जरूरत है और न ही सुरक्षात्मक होने की। ऐसे लोगों पर काउंटर अटैक करने की कोशिश न करें। हालांकि ऐसे लोगों के साथ दोस्ताना रवैया बहुत काम आता है।’

सही कदम क्या है: ऐसे शख्स के प्रति हमदर्दी जताते हुए ऑफिस की प्राथमिकताएं गिनाएं। उसे अहसास दिलाएं कि उसकी समस्याओं को लेकर आप गंभीर है, लेकिन चेता दें कि अड़ियल रवैया किस तरह खुद उसके करियर के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

4. मिस्टर हमेशा सहमत
उस शख्स के बारे में क्या कहेंगे, जो बहुत अच्छा होने की कोशिश करे। हमेशा आपके आइडिया से सहमत हो। आप की हर बात पर हां-हां करे। लेकिन जब उसे लागू करने की बारी आये तो या तो पीछे हट जाये या गायब हो जाये। ऐसे लोग काम से ज्यादा काम को दिखाने की कोशिश अधिक करते हैं। मसलन दावा करेंगे कि अमुक रिपोर्ट तो आज ही तैयार कर देंगे, अमुक काम पूरा करके ही दम लेंगे..लेकिन हकीकत में शायद ही वैसा करें।

इनके साथ क्या करें:  ऐसे लोगों को अहसास कराना जरूरी है कि बेशक आप उन्हें पसंद करते हैं,  पर सच सुनना चाहते हैं।

सही कदम : ऐसे लोगों से कहें कि आप सच पसंद करते हैं, वह उतना ही दावा करें, जितना पूरा हो जाए।

5. मिस्टर परफेक्ट 
ऐसे लोग दो तरह के होते हैं, जो वाकई सक्षम, उत्पादक, खुद पर विश्वास करने वाले और वाकई एक्सपर्ट होते हैं, दूसरे वो जो आंशिक तौर पर विशेषज्ञ होते हैं। ये लोग सुपीरियर की तरह काम करते हैं। महसूस कराते हैं कि उन्हें छोड़ कर सभी बेवकूफ हैं। दृष्टिकोण रखते समय बेहद अधीर हो जाते हैं। उन्हें खुद पर बहुत भरोसा होता है। वो किसी की मदद नहीं चाहते। खुद को बदलना भी नहीं चाहते।
इनके साथ क्या करें: यदि आप किसी इस तरह के एक्सपर्ट से बराबरी के स्तर पर व्यवहार करना चाहें तो आपको भी प्रॉपर होमवर्क करना होगा, अन्यथा वो आपको खारिज कर देंगे। इसलिए उनकी सुनें और सटीक तरीके से अपना प्वाइंट रखें।

सही कदम क्या है: ऐसे लोगों को ये अहसास कराएं कि बेशक वो ऑफिस के लिए एसेट हैं, पर दूसरे लोग भी कम महत्वपूर्ण नहीं। वो दूसरों को कम न मानें। उनकी ये प्रवृत्ति टीम के साथ काम करने के लिए ठीक नहीं। हालांकि ऐसे लोगों की कंपीटेंस के प्रति संतुलित तरीके से सम्मान भाव भी दिखाना चाहिए।

6. मिस्टर निराशावादी
ये लोग हमेशा निराश और हताश दिखेंगे, उनकी बॉडी लेंग्वेज भी वैसी ही होती है। ये हमेशा किसी काम को करने से पहले हथियार डाल देंगे, रोना रोते रहेंगे-मैं ये नहीं कर सकता, मैंने कोशिश की, पर ये नहीं हो सकता, मेरे घर के हालात बहुत खराब हैं। सबसे खराब बात ये है कि ये निराश लोग दूसरों को भी हतोत्साहित कर देते हैं। हर बात पर संदेह करते हैं। 

इनके साथ क्या करें:  ऐसे लोगों से तुरंत किनारा करिये। इनसे तर्क करने  या हर संदेह का हल देने का भी ज्यादा मतलब नहीं है। बेहतर होगा कि अपना काम करते रहें, समय पर खुद जवाब  मिल जाएगा।

सही कदम क्या है: इनकी निराशा का सामना उत्साहजनक बातों से करें। उन्हें बताएं कि हर बदलाव संभव है और बदलाव तरक्की भी लाते हैं।

 
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