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क्या आपको आती है बेचने की कला?
First Published:03-05-12 10:45 PM
बात चाहे सेल्स के क्षेत्र में काम कर रहे लोगों की हो या फिर किसी प्रोडक्ट या सेवाओं को बेच रहे बिजनेसमैन की, कामयाबी के लिए बिक्री के सामान्य नियमों का ध्यान रखना सबके लिए जरूरी है। बिजनेसवाइस-वर्ड ऑफ विजडम फॉर स्मॉल बिजनेस विद एंबिशंस नामक हालिया प्रकाशित किताब में ‘सॉफ्ट सैलिंग-हाउ टू सेल विदाउट सैलिंग के नाम से दिए गए अध्याय में रिचर्ड जे. व्हाइट कहते हैं, ‘आमतौर पर सेल्समैन की छवि जल्दी-जल्दी बोलकर दबाव बनाने, गुस्सा करने या अविश्वसनीय व्यक्ति की होती है, पर जो व्यक्ति इस क्षेत्र में सफलता हासिल करना चाहते हैं, उनके लिए इस आम सोच से बाहर निकलना बेहद जरूरी है। सही एप्रोच से काम करते हुए ही सेल्समैन ग्राहक का विश्वास जीतकर बार-बार आकर्षित करने में कामयाब हो सकता है।
रिचर्ड के अनुसार बिजनेस कर रहे ज्यादातर लोग ऐसे हैं, जो सेल्स प्रोफेशनल बनना पसंद नहीं करते, पर बिजनेस में सफलता हासिल करना चाहते हैं। ऐसे लोगों को एक्सीडेंटल सेल्स पीपुल कहा जाता है। अपने अनुभव बताते हुए वह कहते हैं, ‘मैं भी सेल्स पर्सन नहीं बनना चाहता था, पर बिजनेस करना चाहता था। मेरा भी यही मानना था कि बिक्री का मतलब लोगों पर ऐसी चीजें या सेवाएं खरीदने के लिए दबाव बनाना है, जिसे वह खरीदना नहीं चाहते। ऐसा काम, जिसके लिए झूठ बोलना जरूरी है। हालांकि यह बात सही नहीं है।
लोगों को समझना है जरूरी
सेल्स में काम करने वाले लोग कई बार अपने हितों पर ही केंद्रित हो जाते हैं। सामान बेचने का मूल काम भूल कर वे ग्राहक पर दबाव बनाने लगते हैं। वे कहते हैं, ‘शुरुआत में बिक्री के प्रति मेरी सोच नकारात्मक थी, पर 35 साल की उम्र तक पहुंचते ही यह बात समझ आने लगी कि सफलता हासिल करने के लिए फर्म में बिजनेस लाना जरूरी होगा। चूंकि बिक्री के प्रति मेरा दृष्टिकोण ही गलत था, ऐसे में बिक्री का कोई भी तरीका मुझे धोखेबाजी और दबाव बनाने का काम लगता था। बाद में यह समझ आ गया कि बेईमान हुए बिना भी बिक्री का काम अच्छी तरह किया जा सकता है। जितना अधिक मैं ऐसी सोच रखने वालों से मिला, उन्हें समझा, उतना ही काम आसान हो गया। मुझे सफलता मिलने लगी।’ सोच का तरीका है, तकनीक नहीं
‘सॉफ्ट सैलिंग’ से आशय समाधान या परामर्श आधारित सैलिंग है। इसके तहत आप मानवीय व्यवहार को ध्यान में रख कर सामान बेचते हैं, इसके विपरीत जाकर नहीं। सेल्स में सफलता हासिल नहीं करने का एक प्रमुख कारण सही सोच रखते हुए काम न करना है। उदाहरण के लिए, यह मानवीय व्यवहार है कि जब कोई लगातार दबाव बनाने की कोशिश करता है या सच नहीं बताता तो दूसरा व्यक्ति तुरंत रक्षात्मक नीति अपनाने लगता है। लोग अपने ही जैसे लोगों को पसंद करते हैं और उन पर विश्वास करते हैं। वहीं जहां पैसे की बात आती है तो लोग जोखिम लेने से बचना चाहते हैं। वस्तुओं और सेवाओं का उपभोक्ता पर दबाव बनाने से बेहतर होता है कि आप अपने उपभोक्ता के उद्देश्य को समझों। यह सोच ग्राहक के लिए भी फायदेमंद होती है। ग्राहक के हित को ध्यान में रख कर बात करना खरीदार को ऑफर के प्रति आकर्षित करता है। औसत सेल्स पर्सन पसंद तो किए जाते हैं और सामान भी बेच लेते हैं, पर समाधान आधारित सॉफ्ट सैलिंग नहीं करने के कारण वे उपभोक्ता का विश्वास नहीं जीत पाते।
सेल्स में काम करने वाले लोग कई बार अपने हितों पर ही केंद्रित हो जाते हैं। सामान बेचने का मूल काम भूल कर वे ग्राहक पर दबाव बनाने लगते हैं। वे कहते हैं, ‘शुरुआत में बिक्री के प्रति मेरी सोच नकारात्मक थी, पर 35 साल की उम्र तक पहुंचते ही यह बात समझ आने लगी कि सफलता हासिल करने के लिए फर्म में बिजनेस लाना जरूरी होगा। चूंकि बिक्री के प्रति मेरा दृष्टिकोण ही गलत था, ऐसे में बिक्री का कोई भी तरीका मुझे धोखेबाजी और दबाव बनाने का काम लगता था। बाद में यह समझ आ गया कि बेईमान हुए बिना भी बिक्री का काम अच्छी तरह किया जा सकता है। जितना अधिक मैं ऐसी सोच रखने वालों से मिला, उन्हें समझा, उतना ही काम आसान हो गया। मुझे सफलता मिलने लगी।’ सोच का तरीका है, तकनीक नहीं
‘सॉफ्ट सैलिंग’ से आशय समाधान या परामर्श आधारित सैलिंग है। इसके तहत आप मानवीय व्यवहार को ध्यान में रख कर सामान बेचते हैं, इसके विपरीत जाकर नहीं। सेल्स में सफलता हासिल नहीं करने का एक प्रमुख कारण सही सोच रखते हुए काम न करना है। उदाहरण के लिए, यह मानवीय व्यवहार है कि जब कोई लगातार दबाव बनाने की कोशिश करता है या सच नहीं बताता तो दूसरा व्यक्ति तुरंत रक्षात्मक नीति अपनाने लगता है। लोग अपने ही जैसे लोगों को पसंद करते हैं और उन पर विश्वास करते हैं। वहीं जहां पैसे की बात आती है तो लोग जोखिम लेने से बचना चाहते हैं। वस्तुओं और सेवाओं का उपभोक्ता पर दबाव बनाने से बेहतर होता है कि आप अपने उपभोक्ता के उद्देश्य को समझों। यह सोच ग्राहक के लिए भी फायदेमंद होती है। ग्राहक के हित को ध्यान में रख कर बात करना खरीदार को ऑफर के प्रति आकर्षित करता है। औसत सेल्स पर्सन पसंद तो किए जाते हैं और सामान भी बेच लेते हैं, पर समाधान आधारित सॉफ्ट सैलिंग नहीं करने के कारण वे उपभोक्ता का विश्वास नहीं जीत पाते।
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टिप्पणियाँ
टिप्पणियॉ पढ़े(1)
हाँ यह बात सही है लोगो पर दवाब बना कर झूट बोलकर बिजनेस करना अपनी ही बात को रखना यह सही बिजनेस नहीं है ! आज यह लेख बहुत ही अच्छा लगा !
By Sanjeev Kumar (12th-May-2012 05:37:PM)
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