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संकटों से मुक्ति के लिए हनुमान जी की शरण
ब्रजमोहन शर्मा
First Published:07-05-12 07:12 PM
भारत में जितने मंदिर हनुमान जी के हैं, शायद उतने अन्य देवी-देवताओं के नहीं। हनुमान जी की मूर्ति आमतौर पर सभी देव मंदिरों में प्रतिष्ठापित की जाती है। इस तरह देखें तो हनुमान जी सबसे अधिक आस्था के केन्द्र हैं। हनुमान जी के कुछ मंदिरों की अपनी विशेषताएं हैं। आइये जानकारी लेते हैं भारत के ऐसे ही कुछ प्रमुख हनुमान मंदिरों की ,जहां श्रद्धा का सैलाब उमड़ता रहता है-
दिल्ली स्थित हनुमान मंदिर : दिल्ली में कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर महाभारतकाल का है। यह पांडवों द्वारा इंद्रप्रस्थ में स्थापित पांच मंदिरों में से एक है। इसके अलावा दिल्ली में एक और प्राचीन हनुमान मंदिर यमुना बाजार में स्थित है। मुगलकाल में श्री मरकटा बाबाजी ने इसकी पुनर्स्थापना की थी। कहा जाता है कि मंदिर के पहले के निर्माण से लेकर अब तक बहुत परिवर्तन हुए, लेकिन हनुमानजी की मूर्ति वहीं पर स्थापित है, जहां शुरू में थी।
मेंहदीपुर बालाजी मंदिर : राजस्थान के दौसा जिले में स्थित यह मंदिर पूरे भारत में प्रसिद्ध है। मान्यता है कि भूत-प्रेत आदि व्याधियों से ग्रस्त व्यक्ति यहां आकर मुक्त हो जाता है।
सालासर बालाजी : यह हनुमान मंदिर राजस्थान के चुरू जिले में है। यहां हर साल चैत्र पूर्णिमा और आश्विन पूर्णिमा पर बड़े मेलों का आयोजन किया जाता है।
पांडुपोल हनुमान मंदिर : यह अलवर में सरिस्का नेशनल पार्क क्षेत्र में स्थित है। यहां हनुमानजी की मूर्ति आराम की मुद्रा में प्रतिष्ठापित है। कहा जाता है कि यहीं पर हनुमानजी ने भीम के बल की परीक्षा ली थी व पांडवों को दर्शन दिये थे।
सारंगपुर के कष्टभंजनदेव हनुमान जी : यह प्रसिद्ध मंदिर गुजरात में सुरेन्द्रपुर जिले के सारंगपुर कस्बे में है। मान्यता है कि यहां आने से लोगों की भूत-प्रेत आदि व्याधियां दूर होती हैं।
बनारस का संकटमोचन मंदिर : माना जाता है कि इस मंदिर की स्थापना गोस्वामी तुलसीदास जी ने स्वयं की थी और 16वीं शताब्दी में उन्होंने रामचरितमानस ग्रंथ का अधिकांश हिस्सा यहीं बैठकर लिखा था।
इलाहाबाद स्थित हनुमान मंदिर : यहां संगम के पास लेटे हुए हनुमान जी का मंदिर है। ऐसी मान्यता है कि बरसात में जब यहां गंगा में बाढ़ आती है तो हनुमान जी के पैरों का स्पर्श करने के बाद ही शांत होती है। नौकरी की कामना से युवा यहां विशेषतौर पर आते हैं।
इलाहाबाद में ही हनुमान जी का एक और प्रसिद्ध मंदिर है, जो सिविल लाइन में स्थित है। यहां लोग शादी की मनोकामना लेकर दर्शन के लिए आते हैं। भोपाल में संत कमाली का हनुमान मंदिर : भोपाल स्थित मुख्य बस स्टैंड और पुलिस स्टेशन के पास हनुमानगंज में संत कमाली द्वारा स्थापित प्रसिद्ध प्राचीन हनुमान मंदिर है। जाखू टैम्पल : हिमाचल प्रदेश में शिमला में यह मंदिर जाखू हिल पर स्थित है, इसलिए इसे जाखू टैम्पल के नाम से जानते हैं। यहां हर साल दशहरे पर मेले का आयोजन किया जाता है। पौराणिक मान्यता है कि जब हनुमान जी संजीवनी बूटी की खोज में जा रहे थे तो इसी स्थल पर उन्होंने कुछ समय विश्रम किया था। संकटमोचन श्री हनुमान मंदिर, फिल्लौर : माना जाता है कि एशिया का यह सबसे ऊंचा हनुमान मंदिर है। इस मंदिर की ऊंचाई 121 फीट है व इसमें प्रतिष्ठापित मूर्ति की ऊंचाई 67 फीट। हनुमान जी की आदमकद मूर्तियां
महाराष्ट्र में नवी मुंबई स्थित नेरुल में एक हनुमान मंदिर है, जिसमें हनुमान जी की 33 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा है। यह सिंगल ग्रेनाइट पत्थर में तराशी गयी है। इसी तरह चेन्नई के नांगानालूर में श्री अंजनेयर (हनुमानजी) की 32 फीट ऊंची मूर्ति अकेली चट्टान से तराशी गई है। तमिलनाडु में कन्याकुमारी से 14 किलीमीटर दूर स्थित है सुचिन्द्रम मंदिर। यह मंदिर हनुमान जी की 18 फीट ऊंची मूर्ति के लिए प्रसिद्ध है। ओडिसा में राउरकेला स्थित हनुमान वाटिका में 72 फीट ऊंची मूर्ति है। आंध्रप्रदेश में गुंटूर के पास पुन्नूर में अंजनेयस्वामी की 32 फीट ऊंची मूर्ति है। आंध्रप्रदेश में ही हैदराबाद से 240 किलीमीटर दूर परिताला में 135 फीट ऊंची वीर अभय अजनेय हनुमान स्वामी की मूर्ति स्थापित है। कहा जाता है यह मूर्ति भारत में ही नहीं, विश्व में सबसे ऊंची है।
इलाहाबाद में ही हनुमान जी का एक और प्रसिद्ध मंदिर है, जो सिविल लाइन में स्थित है। यहां लोग शादी की मनोकामना लेकर दर्शन के लिए आते हैं। भोपाल में संत कमाली का हनुमान मंदिर : भोपाल स्थित मुख्य बस स्टैंड और पुलिस स्टेशन के पास हनुमानगंज में संत कमाली द्वारा स्थापित प्रसिद्ध प्राचीन हनुमान मंदिर है। जाखू टैम्पल : हिमाचल प्रदेश में शिमला में यह मंदिर जाखू हिल पर स्थित है, इसलिए इसे जाखू टैम्पल के नाम से जानते हैं। यहां हर साल दशहरे पर मेले का आयोजन किया जाता है। पौराणिक मान्यता है कि जब हनुमान जी संजीवनी बूटी की खोज में जा रहे थे तो इसी स्थल पर उन्होंने कुछ समय विश्रम किया था। संकटमोचन श्री हनुमान मंदिर, फिल्लौर : माना जाता है कि एशिया का यह सबसे ऊंचा हनुमान मंदिर है। इस मंदिर की ऊंचाई 121 फीट है व इसमें प्रतिष्ठापित मूर्ति की ऊंचाई 67 फीट। हनुमान जी की आदमकद मूर्तियां
महाराष्ट्र में नवी मुंबई स्थित नेरुल में एक हनुमान मंदिर है, जिसमें हनुमान जी की 33 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा है। यह सिंगल ग्रेनाइट पत्थर में तराशी गयी है। इसी तरह चेन्नई के नांगानालूर में श्री अंजनेयर (हनुमानजी) की 32 फीट ऊंची मूर्ति अकेली चट्टान से तराशी गई है। तमिलनाडु में कन्याकुमारी से 14 किलीमीटर दूर स्थित है सुचिन्द्रम मंदिर। यह मंदिर हनुमान जी की 18 फीट ऊंची मूर्ति के लिए प्रसिद्ध है। ओडिसा में राउरकेला स्थित हनुमान वाटिका में 72 फीट ऊंची मूर्ति है। आंध्रप्रदेश में गुंटूर के पास पुन्नूर में अंजनेयस्वामी की 32 फीट ऊंची मूर्ति है। आंध्रप्रदेश में ही हैदराबाद से 240 किलीमीटर दूर परिताला में 135 फीट ऊंची वीर अभय अजनेय हनुमान स्वामी की मूर्ति स्थापित है। कहा जाता है यह मूर्ति भारत में ही नहीं, विश्व में सबसे ऊंची है।
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