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संगीत सोम की सरधना सीट पर अग्निपरीक्षा

संगीत सोम की सरधना सीट पर अग्निपरीक्षा

मुजफ्फरनगर दंगों के बाद आरोपों में घिरे भाजपा विधायक संगीत सोम अबकी बार फिर मेरठ की सरधना सीट से प्रत्याशी हैं। दंगे के बाद अपने बयानों के चलते  संगीत सोम भाजपा में फायरब्रांड नेता के तौर पर उभरे, लेकिन अबकी बार यहां बन रहे समीकरणों के चलते उनकी मुश्किलें बढ़ी हैं। 

संगीत सोम ने 2009 में  सपा के टिकट पर मुजफ्फरनगर से लोकसभा चुनाव लड़ा था। तब वह जीत नहीं पाए तो पाला बदला और भाजपा में आ गए। 2012 में सरधना सीट से टिकट मिला। इस सीट पर करीब 24 गांव ठाकुर बाहुल्य हैं। सोम को इसका लाभ मिला और वह रालोद—कांग्रेस गठबंधन प्रत्याशी हाजी याकूब कुरैशी से करीब 12 हजार वोट से जीत गए। इस बार यहां सोम के सामने हाजी याकूब के बेटे इमरान याकूब बसपा के टिकट पर मैदान में हैं जबकि सपा ने अतुल प्रधान को ही दोबारा प्रत्याशी बनाया है। रालोद ने यहां वकील चौधरी को टिकट दिया है। यानी यहां दलों ने जातीय कार्ड इस तरह खेला है कि संगीत की मुश्किलें  बढ़ गई हैं। यहां कुल दस प्रत्याशी चुनाव में हैं।  

मुश्किलें
विपक्षी दलों ने खेला जातीय कार्ड, धु्रवीकरण के हालात नहीं बन रहे
कड़ी सुरक्षा के चलते लोगों से मिलना आसान नहीं 
चुनाव प्रचार के दौरान क्वाल कांड की सीडी चलाने पर मामला दर्ज 

घिर गए विवादों में 
पैतृक गांव फरीदपुर में कवाल कांड की सीडी को लेकर आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज हो चुका है। जेड़ श्रेणी की सुरक्षा के चलते वोटरों और खास लोगों से मिलना थोड़ा मुश्किल हुआ है। इसे लेकर लोगों में नाराजगी भी। 

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  • Web Title:sangeet som sardhana seat ordeal