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 अभिषेक नागर First Published:20-04-2017 12:50:09 AMLast Updated:20-04-2017 12:50:09 AM

सुसान लिम, एक मशहूर सर्जन, जिन्होंने अंग प्रत्यारोपण से जुड़ी चुनौतियों और संभावनाओं को विश्व समुदाय के सामने उठाया, वे अंग प्रत्यारोपण के आगे कोशिका प्रत्यारोपण में किए अपने काम के लिए जानी जाती हैं।
सुसान एक सर्जन के अलावा वैज्ञानिक, एंटरप्रिन्योर भी हैं। वे सफलतापूर्वक लिवर ट्रांसप्लांट करने वाली सिंगापुर की पहली और विश्व की दूसरी महिला सर्जन हैं।

कैसे हुईं प्रेरित
साल 1988 में वे पाचक ग्रन्थि के प्रत्यारोपण से जुड़े एक ऑपरेशन में शामिल हुईं। ऑपरेशन के दौरान उन्हें जटिल स्थितियों का सामना करना पड़ा, जिसने उन्हें अंग प्रत्यारोपण से कोशिका प्रत्यारोपण की संभावनाओं के बारे में सोचने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सोचा कि डायबिटीज के इलाज के लिए पूरी पाचक ग्रन्थि को बदलने के बजाए सिर्फ उस कोशिका को प्रत्यारोपित क्यों न किया जाए, जो इंसुलिन बनाती है। उन्होंने पाया कि कोशिका प्रत्यारोपण तकनीकी रूप से अंग प्रत्यारोपण से कही आसान प्रक्रिया है। लेकिन तब कोशिका विज्ञान में नए शोध-कार्यों में कमी इसमें बाधा बनी हुई थी।

कैसे करता है काम
कोशिका प्रत्यारोपण असल में हमारे शरीर में मौजूद स्टेम सेल की काबिलियत से जुड़ा है, जिसमें हमारे शरीर के अलग-अलग अंगों की कोशिकाओं में बदलने की क्षमता होती है। उन्होंने अपने शोध कार्यों में कोशिका प्रत्यारोपण को विषय बनाया। बाद में कोशिका विज्ञान में हुई नई खोजोें ने इस संभावना को मजबूती दी। आज हमारे शरीर में मौजूद स्टेम सेल में तकनीकी बदलाव करके उसे इस लायक बनाया जा सकता है, जिससे हृदय रोगों, स्ट्रोक, डायबिटीज जैसी बड़ी बीमारियों का इलाज किया जा सके। वे हमें सिखाती हैं कि हर कार्य को करने का एक बेहतर विकल्प हमेशा मौजूद रहता है। जरूरत है सिर्फ एक प्रयास की।

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