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प्रियंका और डिंपल की जोड़ी पर निगाहें

प्रियंका और डिंपल की जोड़ी पर निगाहें

यूपी में कांग्रेस-सपा गठबंधन के बाद सबकी निगाहें प्रियंका गांधी वाड्रा और डिंपल यादव की जोड़ी पर है। डिंपल इस बार परिवार और पति की परछाई से बाहर निकल व्यापक स्तर पर पार्टी के लिए प्रचार करेंगी। वहीं प्रियंका पहली बार मां और भाई को जिताने के बजाय पूरे राज्य में स्टार प्रचारक की भूमिका निभाएंगी। ऐसे में दोनों की चुनौती पहले से ज्यादा बढ़ गई है। कई अन्य महिला स्टार प्रचारक भी अपनी पार्टी की जीत के लिए मैदान में हैं। 

बसपा सुप्रीमो पर अकेले दारोमदार
बसपा के प्रत्याशियों के लिए बहनजी ही सबसे बड़ी स्टार प्रचारक हैं। लगभग हर विधानसभा सीट पर प्रत्याशी उनकी रैली चाहते हैं। मायावती अकेले अपने दम पर पहले भी पार्टी को सफलता दिला चुकी हैं।

अहम भूमिका में प्रियंका वाड्रा
प्रियंका गांधी ने अब तक खुद को सोनिया गांधी (राय बरेली) और राहुल गांधी (अमेठी) की लोकसभा सीटों में प्रचार तक ही खुद को सीमित रखा था। सिर्फ 1999 में उन्होंने  सुल्तानपुर सीट पर प्रचार किया था। मगर इस बार सपा के साथ गठबंधन के बाद प्रियंका बड़ी भूमिका में नजर आएंगी। कांग्रेस ने स्टार प्रचारकों की सूची में उन्हें शामिल किया है।

पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी की पुत्री और प्रचार का अच्छा अनुभव
आम जनता इंदिरा गांधी की छवि उनमें देखती है
प्रियंका के संयमित भाषा में बेबाक बयान जनता में लोकप्रिय

डिंपल यादव की बढ़ी जिम्मेदारी
हर चुनावों की तरह इस बार भी सपा स्टार प्रचारकों की सूची के शीर्ष नामों में डिंपल यादव का नाम है। हालांकि अखिलेश के हाथ में पार्टी की कमान आने से उनकी जिम्मेदारी ज्यादा बढ़ गई है। अब उनकी भूमिका सिर्फ कन्नौज तक नहीं बल्कि पूरे राज्य में अहम होगी। पार्टी के अधिकतर प्रत्याशी चाहते हैं कि डिंपल यादव उनके विधानसभा क्षेत्र में आकर प्रचार करें। इसका बड़ा कारण राज्य में करीब 6 करोड़ महिला वोटरों को लुभाना है। 

मुख्यमंत्री अखिलेश की पत्नी और कन्नौज से सांसद
राज्य की पहली महिला जिन्हें निर्विरोध सांसद (2012) चुना गया
2014 में भी कन्नौज लोकसभा सीट बचाई 

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  • Web Title:eyes of priyanka and dimples pair