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अप्रेजल मीटिंग में न करें ये गलतियां

इन दिनों आप अप्रेजल में शामिल होने की तैयारी कर रहे होंगे। आपने साल भर अच्छा काम किया, लेकिन अब अप्रेजल की तैयारी में कमी आपकी  रेटिंग को प्रभावित कर सकती है।

पहले समझें अप्रेजल
यह असल में कंपनियों की अपनी और अपने कर्मचारियों की प्रगति को जांचने का एक पैमाना है। हर कंपनी में अप्रेजल का अपना तरीका होता है। कुछ कंपनियां साल में एक बार अप्रेजल करती हैं, तो कुछ हर तीन माह या छह माह में अपने कर्मचारियों के काम का मूल्यांकन करती हैं। कहीं-कहीं अप्रेजल प्रक्रिया में कर्मचारी भी शामिल होते हैं। उनसे फॉर्म भरवाए जाते हैं, तो छोटी फर्म में सुपरवाइजर व वरिष्ठ अधिकारी ही स्वयं फैसले ले लेते हैं। आपकी रेटिंग के साथ बजट को ध्यान में रखकर सैलेरी में इंक्रिमेंट किया जाता है।

अप्रेजल मीटिंग में क्या न करें
- कर्मियों को लेकर भावुक न हों
- समस्या के समाधान और संभावनाओं पर बात करें।
- बहस न करें
- अपनी कमियों को लेकर शिकायत करने से आपकी नकारात्मक छवि बनती है।
- सही वजह पर ध्यान दें- बॉस पर पक्षपात करने का आरोप न मढ़ें। अपने कार्य पर ध्यान दें।
- दूसरों पर आरोप न मढ़ें- गलती हुई है तो मानें। आरोप मढ़ने से सिर्फ  कमियां दिखती हैं।

अप्रेजल को कैसे बनाएं बेहतर
- अपना महत्व समझाएं- अप्रेजल फॉर्म में कहानी न लिखें। अपने अप्रेजल फॉर्म पर अपने नये आइडियाज के डेटा प्वॉइंट शामिल करें। आंकड़े और मेल से अपनी बात को पुष्ट करें।
- बॉस से सलाह करें- अगर आप अप्रेजल फॉर्म के किसी सवाल को लेकर स्पष्ट नहीं हैं तो बॉस से बात करें।
 

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  • Web Title:companies salary