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देश में हिंसा फैलाना चाहता है मुसलिम पर्सनल लॉ बोर्ड: इंद्रेश

रांची। हिन्दुस्तान ब्यूरो First Published:19-10-2016 06:31:56 PMLast Updated:19-10-2016 06:40:26 PM

फोरम फॉर अवेयरनेस ऑफ नेशनल सिक्योरिटी के मुख्य संरक्षक इंद्रेश कुमार ने कहा है कि कुरान में तलाक का कोई स्थान नहीं है। कुरान में तलाक को सबसे खराब बताया गया है। देश का संविधान एक है। यहां रहने वाले सभी के लिए संविधान सर्वोपरि है। एक देश, एक संविधान और एक समान सभी लोग यही अवधारणा है। वह बुधवार को मोरहाबादी के मान्या पैलेस में एक देश एक स्वर विषय पर व्याख्यान दे रहे थे।

उन्होंने कहा कि मुसलिम पर्सनल लॉ बोर्ड तलाक के नाम पर मुसलमानों को भड़का रहा है। वह हिंसा फैलाना चाहता है। जबकि यह कोई संवैधानिक संस्था नहीं है। यह एक एनजीओ है और सिर्फ 15 प्रतिशत मुसलमानों का ही उसे विश्वास हासिल है। मौके पर केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड के कुलपति एनके यादव, छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम अशर्फी, पत्रकार अनुज सिन्हा, शाहीद अख्तर, गोलक बिहारी, पवन बजाज एवं अन्य उपस्थित थे। इंद्रेश ने कहा कि मुसलिम पर्सनल लॉ बोर्ड तलाकशुदा महिलाओं और उनके बच्चों के भविष्य के बारे में कुछ भी नहीं सोचता। ऐसी महिलाएं किस परिस्थिति में रह रही हैं। बच्चों का गुजारा कैसे हो रहा है इसकी चिंता नहीं कर रहा है।

मुसलिम महिलाएं खुद मांग रही हैं इंसाफ

इंद्रेश ने कहा कि मुसलिम समाज की कुछ महिलाएं तीन तलाक से परेशान हो कर इंसाफ के लिए अदालत गई हैं। अदालत ने केंद्र सरकार से पूछा है कि संविधान के तहत तीन तलाक उचित है या नहीं। इस पर केंद्र सरकार अपनी बात रख रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं पर किसी प्रकार का अत्याचार होना संविधान के खिलाफ है। चाहे वह किसी धर्म, जाति की हो। संविधान सभी को समान अधिकार और समान अवसर प्रदान करने की बात करता है। धर्म के नाम पर अधर्म नहीं हो: सलीम अशर्फी छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम अशर्फी ने कहा कि कुछ लोग धर्म के नाम परअधर्म कर रहे हैं। इंसानियत को बचाने का नाम जेहाद है। आज इसकी परिभाषा बदल दी गई है। अपने हित के लिए ऐसा किया जा रहा है। मानवता का अर्थ किसी का अहित नहीं करना होता है। हिंसा से लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान खैरात से बना देश है। वह आज पूरी दुनिया के लिए खतरा बन गया है।

देश हित में बुद्धिजीवियों को एकमत होना होगा: यादव

केंद्रीय विद्यालय झारखंड के कुलपति एनके यादव ने कहा कि देशहित के मुद्दे पर बुद्धिजीवियों को एकमत होना होगा। इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। समानता और स्वतंत्रता के अधिकार पर कुठाराघात होगा तो लोग अपना अधिकार मांगेंगे। अदालत जाएंगे। अदालत संविधान के अधिकारों की ही बात करता है।

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