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रैली में केंद्रीय सरना समिति नहीं होगी शामिल

22 अक्तूबर की आदिवासी जनाक्रोश रैली चर्च की ओर से आयोजित है। जो कि सीएनटी-एसपीटी एक्ट के माध्यम से सरना आदिवासियों को धर्मांतरण की ओर ले जाने का काम कर रही है। उक्त बातें केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष फूलचंद तिर्की ने कहीं। वे बुधवार को कचहरी स्थित कार्यालय में रैली को लेकर समिति का पक्ष पेश कर रहे थे। बताया कि जनजातीय विभाग के मंत्री जुएल उरांव ने कहा है कि सीएनटी-एसपीटी एक्ट संसोधन अध्यादेश को खारिज किया गया है। आदिवासियों को अंधकार में रखकर यह रैली निकाली जा रही है। फूलचंद तिर्की ने कहा कि आदिवासी जनाक्रोश रैली पूर्ण रूप से राजनैतिक रैली है। कहा कि केंद्रीय सरना समिति एक धार्मिक और सामाजिक संगठन है। यह किसी भी रैली या पुतला दहन जैसे कार्यक्रम का हिस्सा नहीं बनता

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  • Web Title:kendriya sarna samiti will keep distance from raily