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राज्य के 35 हजार वकील दो दिसंबर को अदालती काम नहीं करेंगे

जमशेदपुर कोर्ट परिसर में गोलीकांड के खिलाफ राज्य के 35 हजार वकील दो दिसंबर को अदालती काम से विरत रहकर विरोध दिवस मनाएंगे। झारखंड राज्य बार काउंसिल की एक दिसंबर को आपात बैठक में इस आशय का निर्णय किया गया। बैठक में सभी अदालतों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की गई।

अधिवक्ताओं ने कहा कि अदालतों की सुरक्षा के प्रति पुलिस लापरवाह रहती है। इसका नतीजा जमशेदपुर गोलीकांड है। बैठक की अध्यक्षता बार काउंसिल के चेयरमैन राजीव रंजन ने की। बैठक में कहा गया कि सरकार अदालतों की सुरक्षा के प्रति गंभीर नहीं है। इससे पूर्व भी जमशेदपुर, हजारीबाग समेत दूसरी अदालतों में गोली चली है, जिनमें मौतें भी हुई हैं, लेकिन सिविल कोर्ट की सुरक्षा के प्रति सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई। अगर इन घटनाओं से पुलिस ने सबक लिया होता, तो जमशेदपुर जैसा कांड नहीं होता। काउंसिल ने सरकार से सभी सिविल कोर्टों की पक्की चहारदीवारी और गेट लगाने की मांग की।

कोर्ट परिसर में प्रवेश करने वाले सभी वकीलों और अन्य लोगों के लिए पास की व्यवस्था करने की मांग की है। मुख्य गेट समेत अन्य प्रमुख जगहों पर वेब कैमरा लगाने, पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती और वकीलों के वाहनों के लिए बार संघों से गेट पास जारी करने को भी कहा गया।

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  • Web Title:Today 35 thousand lawyers will not work in Court