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रोजी रोटी अधिकार अभियान का अधिवेशन शुरू

रांची। हिन्दुस्तान ब्यूरो First Published:23-09-2016 09:04:00 PMLast Updated:23-09-2016 09:44:28 PM
रोजी रोटी अधिकार अभियान का अधिवेशन शुरू

रोजी रोटी अधिकार अभियान का तीन दिवसीय छठा राष्ट्रीय अधिवेशन शुक्रवार से रांची में शुरू हुआ। गोस्सनर मिडिल स्कूल मैदान में आयोजित इस कायर्क्रम में देश के 15 राज्यों के लगभग 1500 प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। अधिवेशन का विषय ‘सिमटता लोकतंत्रः सिमटते हक और सेवाएं रखा गया है। तीन दिनों तक चलने वाले इस अधिवेशन में खाद्य सुरक्षा, जल, जगंल व जमीन, भूमि अधिग्रहण, कृषि में संकट, रोजगार व पलायन समेत कई मुद्दों पर चर्चा होगी।

रैली से हुई शुरुआत

बिहार, असम, बंगाल, ओडिशा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने रांची रेलवे स्टेशन से गौस्सनर स्कूल तक रैली निकाली। इसके बाद कार्यक्रम का विधिवत शुरुआत किया गया। कायर्क्रम में रोजी रोटी अधिकार गाने के साथ विभिन्न तरह के संगीत पर लोग झूमे।

अधिकार के प्रति किया जागरूक

अशर्फी नंदन प्रसाद, कविता श्रीवास्तव, ज्यां द्रेज, जवाहर मेहता, बलराम, बेजवाडा विलसन, सोनी सोरी समेत अन्य वक्ताओं ने विभिन्न विषयों पर विचार रखा। वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र बचेगा तो देश बचेगा। युद्ध को नकारा और शांति की बात की। भूख, कुपोषण, बेरोजगारी से लड़ने की बात कही। सरकार द्वारा इन मुद्दों से ध्यान भटकाने पर चर्चा की। खाद्य सुरक्षा में आधार को अनिवार्य नहीं बनाया जा सकता है। डीबीटी और बॉयोमिट्रीक पर भी सवालिया निशान लगाया गया। विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्र में जन वितरण प्रणाली के बारे बताया। सदस्यों ने कहा यहां लिए गए फैसले को लेकर सभी संगठन अपने-अपने क्षेत्र में दो साल तक काम करेंगे।

झारखंड की हुई चर्चाः

बबिता ने झारखंड के स्कूलों और आंगनबाड़ी में अंडा देने की योजना का प्रशंसा की। उन्होंने इसकी सफलता पर प्रकाश डाला। स्टेन स्वामी झारखंड में न्याय की एकजुटता पर विचार रखा तो बलराम ने खाद्य सुरक्षा पर प्रकाश डाला।

दो मिनट का रखा गया मौन

कायर्क्रम के दौरान महाश्वेता देवी, बीडी शर्मा, बीपी केसरी, रामदयाल मुंडा, विनोद रायना, मुकुल सिन्हा, तृप्ति शाह और शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट का मौन रखा गया।

शनिवार को विभिन्न मुद्दों पर होगी चर्चा

अधिवेशन के दूसरे दिन बच्चों के भोजन के अधिकार, महिलाओं के हक और भोजन का अधिकार, युवाओं का सत्र आदि पर चर्चा होगी।

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Web Title: Livelihood rights campaign-session
 
 
 
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