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नस में सुजन की तुरंत कराएं जांच

पैर के नस में सुजन हो जाने से फेफड़ा की नली जाम होने की संभावना अधिक हो जाती है। इसलिए ऐसे मरीजों को डॉक्टर की सलाह लेकर जांच करा लेना चाहिए। अन्यथा यह जानलेवा साबित हो सकता है। ये बातें डॉ. जीतेन्द्र कुमार सिंह ने एनएमसीएच के मेडिसीन विभाग में पलम्बनॉरी इम्बॉलिजम विषय पर आयोजित सी-लाई कार्यक्रम में कही।

कब होती है ऐसी परेशानी : किसी भी प्रकार की सर्जरी होने पर मरीज को बहुत दिनों तक बेड पर रहना पड़ता है। वैसे मरीज या फिर कैंसर की बीमारी, आनुवांशिक या ब्लड प्रेशर वाले मरीज को यह बीमारी होने की संभावना अधिक रहती है। अधिकांश रूप से यह बीमारी बुढ़ापे में होती है।

क्या कारण है

बेड पर अधिक दिनों तक लेटे रहने से पैर के नसों में सुजन हो जाता है। इस दौरान नस में रक्त का थक्का जम जाता है। जो रक्त बहाव के दौरान टूटते हुए ह्रदय के ब्लॉक होते हुए फेफड़े के नस में पहुंचकर नस को ब्लॉक कर देता है।

क्या है जांच

इस बीमारी का पता लगाने में सीटी स्कैन, डॉप्लर अल्ट्रासोनोग्राफी तथा डी-डायपर की जांच की जाती है। अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ. उमाशंकर प्रसाद ने की। जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. हुसैन अहमद ने किया। डॉ. सतीश कुमार, डॉ. अजय कुमार सिन्हा, डॉ. गणेश कुमार ने भी विचार रखे।

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