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गर्ल्स हॉस्टल का काम नहीं हो सका पूरा

हर घर में शिक्षा पहुंचे, इसके लिए सरकार हर स्तर पर काम कर रही है। लेकिन सरकार की कई योजनाएं अब तक पूरी नहीं हुई हैं। इनमें हर पंचायत में उच्च विद्यालय, गर्ल्स हॉस्टल, मॉडल स्कूल का निर्माण अब तक अधूरा है। विभाग इसका कारण कहीं जमीन न मिलना बता रहा है तो कहीं पैसे का अभाव।

पटना जिले के 22 स्कूलों में गर्ल्स हॉस्टल के निर्माण का काम मई 2015 तक पूरा करना था। लेकिन अब तक मात्र सात जगहों पर काम पूरा हुआ है। आठ हॉस्टल निर्माणाधीन हैं। सात जगहों पर काम शुरू नहीं हो सका है। एक छात्रावास के लिए साढ़े तीन करोड़ का बजट था। पटना के सात प्रखंडों विक्रम, खुसरूपुर, मोकामा, घोसवरी, बाढ़, नौबतपुर और संपतचक के स्कूल में छात्रावास बन कर तैयार हैं। वार्डन की नियुक्ति और छात्रावास के लिए छात्राओं का नामांकन भी हो चुका है, लेकिन बच्चियों को रहने की सुविधा नहीं दी गई है।

हर पंचायत में बनना था उच्च विद्यालय : मुख्यमंत्री ने 2013 में घोषणा की थी कि हर पंचायत में एक उच्च विद्यालय खुलेगा। पटना में 327 पंचायत हैं। इनमें से 161 पंचायतों में उच्च विद्यालय नहीं है। 21 पंचायतों में स्कूल खुलने जा रहे हैं। शेष 140 में से 120 पंचायतों में एक एकड़ जमीन नहीं मिल पा रही है। 12 जगह से प्रस्ताव आए हैं, जिसकी विभाग जांच कर रहा है। साथ ही 20 मॉडल स्कूलों में चार का काम पूरा हो चुका है। 10 निर्माणाधीन हैं और छह जगह विभिन्न कारणों से काम शुरू नहीं हो सका है।

तीनों योजना पर काम चल रहा है। लेकिन कहीं जमीन न उपलब्ध होने व कहीं पैसे के अभाव में काम नहीं हो सका है। विभाग की ओर से पैसे मिलते ही सात छात्रावास जल्द ही शुरू हो जाएगा।

- डॉ. अशोक कुमार, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी

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