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इंजीनियरिंग कॉलेजों में शिक्षक बहाली की बाधा हुई दूर

पटना। हिन्दुस्तान ब्यूरो

राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों को नये स्थायी शिक्षक शीघ्र मिल सकेंगे। विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग की पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई के पश्चात हाईकोर्ट ने 11 पदों को छोड़ शेष पदों पर बहाली करने का आदेश दे दिया है। हाईकोर्ट के इस फैसले से विभागीय पदाधिकारी उत्साहित हैं। उम्मीद है कि बहुत जल्द बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा इंजीनियरिंग कॉलेजों के लिए असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए ली गई परीक्षा और साक्षात्कार का परिणाम घोषित कर दिया जाएगा।

गौरतलब है कि बिहार लोक सेवा आयोग में इंजीनियरिंग कॉलेजों में 407 तथा पॉलिटेक्निक कॉलेजों में 468 शिक्षकों की बहाली की प्रक्रिया चल रही है। इंजीनियरिंग शिक्षकों की भर्ती में अधिकतर पदों के लिए साक्षात्कार हो जाने के बाद भी रिजल्ट घोषित नहीं हुआ है। साक्षात्कार में शामिल नहीं किए जाने पर एमएससी इंजीनियरिंग करने वाले अभ्यर्थियों ने इस मामले में हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। जिसके बाद से साक्षात्कार होने के बाद भी इंजीनियरिंग शिक्षकों की बहाली नहीं हो पा रही थी। इस मामले में विभाग द्वारा हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की गई थी।

निदेशक अतुल सिन्हा ने बताया कि हाईकोर्ट ने एमएससी इंजीनियरिंग करने वाले अभ्यर्थियों के लिए 11 पद सुरक्षित रखते हुए शेष पदों पर बहाली की अनुमति दे दी है। सिन्हा के मुताबिक इंजीनियरिंग कॉलेज को 200 शिक्षक तत्काल मिल सकते हैं। इनका साक्षात्कार हो चुका है। कंप्यूटर साइंस और इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रानिक विषय के शिक्षकों का साक्षात्कार हो जाने पर 125 शिक्षक और मिल जाएंगे। भौतिक, रसायन, गणित और अंग्रेजी शिक्षकों के करीब 75 पदों पर हाईकोर्ट ने 2009 से पूर्व पीएचडी करने वाले अभ्यर्थियों को भी साक्षात्कार में शामिल करने को कहा है। इन विषयों में अब तक जो साक्षात्कार हुए थे उसमें सिर्फ नेट क्वालिफाई करने वालों को ही शामिल किया गया था।

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  • Web Title:Now teachers in engineering colleges will be restoration