class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

राजनीतिक इच्छाशक्ति से बिहार में शराबबंदी सफल : मेधा पाटकर

राजनीतिक इच्छाशक्ति से बिहार में शराबबंदी सफल : मेधा पाटकर

राजनीतिक इच्छाशक्ति से ही बिहार में शराबबंदी सफल है। बिहार सरकार ने पूरी दृढ़ता दिखाते हुए शराबबंदी लागू किया है। यह एक अच्छा कदम है। शुक्रवार को जनआंदोलनों के राष्ट्रीय अधिवेशन में सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर ने ये बातें कहीं।

मेधा ने कहा कि गुजरात में भी शराबबंदी लागू है लेकिन वहां यह सफल नहीं है। वहां हजारों करोड़ रुपए की शराब बेची जा रही है। नोटबंदी पर कहा कि यह पूरी तरह फेल है। धर्म बांचने और नोटबंदी बांचने में कोई फर्क नहीं दिख रहा है। मेधा सरकार ने केन्द्र को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सरकार लोगों को नर्मदा में जलसमाधि देने की कोशिश कर रही है। कहा कि केन्द्र की सारी योजनाएं फेल हो गयीं हैं। किसी भी फ्रंट पर काम नहीं हो रहा।

दलितों पर अत्याचार बढ़ा

मेधा ने कहा कि दलितों पर अत्याचार बढ़ा है। ऊना से लेकर हैदराबाद तक दलितों पर अत्याचार की घटनाएं बढ़ी है। ये सरकार दलितों के हक में काम नहीं कर रही।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Medha Patekar says, liquor prohibition succesful in Bihar due to political will power