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गया में कोटेश्वर धाम और दशरथ मांझी के समाधि स्थल पहुंचे राज्यपाल

राज्यपाल रामनाथ कोविंद बुधवार को गया के बेलागंज स्थित कोटेश्वर धाम और मोहड़ा के गेहलौर में माउंटेन मैन दशरथ मांझी के समाधि स्थल पहुंचे। बेलागंज के मेन गांव में पहुंचकर राज्यपाल ने कोटेश्वर धाम स्थित शिवलिंग का दर्जन किया। देश और राज्य के सुख समृद्धि की कामना की। यहां कार्यक्रम में शिरकत करने के बाद राज्यपाल अतरी के गेहलौर पहुंचे। यहां उन्होंने माउंटेन मैन दशरथ मांझी के परिजनों से मुलाकात की। उनकी समाधि स्थल पर पहुंच उन्हें श्रद्धांजलि दी। और स्थानीय लोगों से दशरथ मांझी की जीवनी सुनी। दोनों स्थानों पर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे। राज्यपाल हेलीकॉप्टर से यहां पहुंचे थे।

बेलागंज प्रखंड के मेन गांव स्थित कोटेश्वर धाम पहुंचकर राज्यपाल रामनाथ कोविंद ने विशेष पीपल वृक्ष की विशेषता देखी। कहा यहां आकर अच्छा लगा। यह आस्था का स्थल है। राज्यपाल ने बुधवार को कोटेश्वर धाम में आयोजित जनसभा का दीप प्रज्जवलित कर उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि इस आस्था के केन्द्र पर आकर मेरे मन में यही कामना है कि बिहार के साथ साथ पूरे के लोगों का जीवन समृद्ध हो। देश में बारह शिवलिंग है। कोटेश्वर धाम में सभी शिवलिंगों से कुछ अलग विशेषता है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के दरवाजे हर व्यक्ति के हमेशा खुले हैं। चाहे वह किसी जाति वर्ग का हो।

आपको संविधान में दो महत्वपूर्ण मौलिक अधिकार मिले हैं। एक शिक्षा का और दूसरा मतदान करने का अधिकार। इन अधिकारों से आप अपने जीवन में नई सोच, समझ और समृद्धि पा सकते हैं। राज्यपाल ने यहां मंदिर में पूजा की। पीपल वृक्ष को देखा। इसके बारे में जानकारी ली। इस मौके पर आयुक्त लियान कुंगा, डीएम कुमार रवि, एसएसपी गरिमा मलिक ने राज्यपाल का स्वागत किया। सेवानिवृत जज श्याम किशोर शर्मा ने राज्यपाल को कोटेश्वरधाम की महिमा और पौराणिक महत्ता से अवगत कराया।

राज्यपाल रामनाथ कोविंद बुधवार को माउंटेन मैन दशरथ मांझी के समाधि स्थल गहलौर पहुंचे। दशरथ मांझी के परिजनों से मुलाकात की। उन्हें हर मदद का भरोसा दिलाया। राज्यपाल मांझी के समाधि स्थल पहुंचे। उन्हें श्रद्धांजलि प्रदान की। उन्होंने दशरथ मांझी के पुत्र भगीरथ मांझी से मुलाकात की और बाबा के कार्यों को जाना। भगीरथ मांझी ने बताया कि अबतक उनका घर नहीं बन पाया है। आप एक बार घर चलकर देख लें। इसपर राज्यपाल ने कहा कि हमें तसल्ली तभी होगी जब आपका पक्का मकान होगा। और पानी की बेहतर व्यवस्था होगी। उन्होंने इस मामले में डीएम को कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया। राज्यपाल ने कहा कि वे दो महीने में दोबारा यहां आएंगे।

राज्यपाल ने कहा कि यहां चलने वाले विकास कार्यों की समीक्षा करें और उसे पूरा करने के लिए एक विशेष पदाधिकारी नियुक्त करें। विकास कार्यों का सर्वें कराएं। अलग से प्रस्ताव भेंजे। इस मौके पर मोहरा की बीडीओ कमला कुमारी ने दशरथ मांझी के परिजनों को तीस हजार रुपये का चेक प्रदान किया। मालूम हो कि इन्हें एक इंदिरा आवास प्रदान किया गया था। जो अबतक अधूरा पड़ा है।

 

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  • Web Title:Koteshwar arrived at the shrine and cemetery governor Dasaratha boater