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शहरों के विकास कार्यों में डूडा अभियंताओं की दिलचस्पी नहीं

राज्य की जिस एजेंसी पर शहरों के विकास की जिम्मेदारी है, उसके शीर्ष अधिकारी इसमें रुचि नहीं दिखा रहे हैं। जिला शहरी विकास अभिकरण (डूडा) पर संबंधित जिले के शहरों में विकास कार्यों में अंजाम देने का जिम्मा है। मगर इसके मुख्य अधिकारी यानी कार्यपालक अभियंता नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा बुलाई गई बैठकों में जाने से कतरा रहे हैं। डूडा की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा को लेकर इसी माह बुलाई गई बैठक में इसके 10 जिलों- अरवल, भोजपुर, गोपालगंज, जमुई, कैमूर, मधेपुरा, पटना-2, शिवहर, सीतामढ़ी और पश्चिम चम्पारण के कार्यपालक अभियंता बिना पूर्व सूचना के नदारद रहे। बैठक की अध्यक्षता कर रहे विभाग के प्रधान सचिव चैतन्य प्रसाद इससे काफी नाराज हुए। उन्होंने इन सभी से स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया। बांका के कार्यपालक अभियंता बैठक में मौजूद थे। मगर वह अपने प्रमंडल में चल रही योजनाओं के बारे में स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। डीएम बांका ने भी उनकी लगातार गैरहाजिरी की शिकायत की थी। बताया गया कि कार्यपालक अभियंता शारीरिक रूप से अस्वस्थ हैं। इस बारे में विभाग द्वारा उनको निर्देश दिया गया कि जब वे शारीरिक रूप से अस्वस्थ हैं, तो अवकाश में जाएं। उनकी जगह बगल के कार्यपालक अभियंता, डूडा को प्रभार दिया जाए। वहीं, मधुबनी डूडा के कार्यपालक अभियंता बैठक में देर से पहुंचे। इसी तरह, बक्सर डूडा के कार्यपालक अभियंता के बारे में बताया गया कि दो माह से उन्होंने अपना डिजिटल सिग्नेचर नहीं बनाया है। इन दोनों से भी इसके लिए शो-कॉज पूछा गया है।

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  • Web Title:Duda EE not taking interest in development of towns