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बिहार में जल मार्ग की टोह ले रही केन्द्र सरकार

केन्द्र सरकार बिहार में जलमार्ग की टोह ले रही है। बुधवार को केन्द्रीय जहाजरानी मंत्रालय के अधिकारी अमिताभ वर्मा व राज्य सरकार के परविहन मंत्री चंद्रिका राय के बीच इस मामले पर विचार-विमर्श हुआ। केन्द्र की योजना है कि सड़क मार्ग पर लोड कम करने के लिए गंगा नदी में जहाज चलाने की है।

कुछ साल पूर्व परिवहन विभाग के तत्कालीन प्रधान सचिव विजय प्रकाश ने क्षतिग्रस्त पुलों व सड़कों पर ओवरलोडिंग कम करने के लिए इसकी कवायद शुरू की थी, लेकिन वह योजना आगे नही बढ़ सकी। विभाग ने राज्य के पांच प्रमुख घाटों पर जहाज चलाने का निर्णय लिया था। इसमें पटना, वैशाली, बेगूसराय व खगड़िया जिले के घाट शामिल थे। मनेर (पटना) से डोरीगंज, दीघाघाट (पटना) से सोनपुर, सबलपुर (पटना ) से हाजीपुर, हथिदह (मोकामा) से सिमरिया घाट (बेगूसराय) एवं गणगनिया (सुल्तानगंज) से अगवानीघाट (खगड़िया) के बीच पानी के जहाज का परिचालन होना था।

परिवहन विभाग ने सभी संबंधित जिलों के डीएम से रिपोर्ट भी मांगी थी। विभाग उसी घाट का चयन जहाज चलाने के लिए कर रहा था, जहां अब भी पर्याप्त पानी है। 1983 में गांधी सेतु बनने के पहले गंगा के घाटों पर पानी के जहाज से ही आवागमन होता था।

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  • Web Title:Central Govt seeks Water way in bihar