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वैशाली में पकड़ा गया 144 किलो चरस

डायरेक्ट्रेट ऑफ रेवन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) पटना ने मादक पदार्थों के बड़े रैकेट का खुलासा किया है। बुधवार की सुबह वैशाली के सराय स्थित पुरानी बाजार से डीआरआई ने चरस की अबतक की सबसे बड़ी खेप बरामद की है। वहां बजाप्ते चरस बनाने का गोरखधंधा चल रहा था। मौके से 144 किलोग्राम चरस के साथ गांजा और कई अन्य प्रतिबंधित सामान बरामद हुए हैं।

14 करोड़ से ज्यादा है कीमत : डीआरआई के मुताबिक सराय के पुरानी बाजार स्थित एक गोदामनुमा जगह पर चरस बनाने की फैक्ट्री चल रही थी। छापेमारी के दौरान 144 किलोग्राम चरस के साथ 42 किलो गांजा, भारत में प्रतिबंधित 3 सौ पीस नींद की गोलियां, चरस बनाने में इस्तेमाल होनेवाला 45 किलोग्राम केमिकल, पैकिंग के सामान और चरस बनाने में इस्तेमाल होनेवाले उपकरण बरामद किए गए। बरामद चरस की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 14 करोड़ से ज्यादा, जबकि भारत में 1.44 करोड़ रुपए आंकी गई है। वहीं गांजा की कीमत साढ़े 6 लाख के करीब बताई जाती है।

बैंक पासबुक भी मिले : तलाशी के क्रम में बैंक के 10 पासबुक और अन्य कागजात हाथ लगे। बैंक खातों में 20 लाख रुपए होने की बात सामने आई है, जबकि एक साल में उन खातों के जरिए करोड़ों का लेनदेन हुआ है। बताया जाता है कि वहां दो-तीन महीने से चरस बनाने का धंधा चल रहा था।

फैक्ट्री कर दी गई सील : चरस के इस धंधे के तार नेपाल से जुड़े हैं। फैक्ट्री में चरस बनाने के साथ नेपाल से मंगाया भी जाता था। चरस के साथ गांजा, केमिकल और दूसरे सामान कूरियर द्वारा नेपाल से पहुंचते थे। इस गिरोह में कई लोगों के शामिल होने की आशंका है। सरगना वैशाली जिले के मझौली स्थित मोहम्मदपुर बुजुर्ग का रहनेवाला बताया जाता है। फैक्ट्री को सील कर डीआरआई ने स्थानीय पुलिस को सूचना दे दी है।

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  • Web Title:144 kg hashish was captured in vaishali