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ओलंपिक का मिथक तोड़ने में नाकाम रहे बिंद्रा
नई दिल्ली, एजेंसी
First Published:30-07-12 05:58 PM
बीजिंग ओलंपिक खेलों में दस मीटर एयर राइफल्स में स्वर्ण पदक जीतने वाले भारतीय निशानेबाज अभिनव बिंद्रा भी ओलंपिक में इस स्पर्धा को लेकर पिछले 28 साल से चला आ रहा मिथक तोड़ने में नाकाम रहे।
बिंद्रा लंदन ओलंपिक खेलों में सोमवार को दस मीटर एयर राइफल्स के फाइनल के लिये क्वालीफाई नहीं कर पाये। इस तरह से वह भी उन निशानेबाजों की सूची में शामिल हो गये, जो इस स्पर्धा में कभी अपने खिताब का बचाव नहीं कर पाये।
ओलंपिक निशानेबाजी में दस मीटर एयर राइफल्स की स्पर्धा 1984 में शामिल की गयी थी और तब से अब तक कोई भी निशानेबाज इसमें अपने खिताब का बचाव नहीं कर पाया है। उम्मीद थी कि बिंद्रा यह मिथक तोड़ने में नाकाम रहेंगे, लेकिन वह आज क्वालीफिकेशन में 600 में से 594 अंक बनाकर 47 भागीदारों में 16वें स्थान पर रहे।
ओलंपिक में दस मीटर एयर राइफल्स का पहला स्वर्ण पदक 1984 में फ्रांस के फिलिप हेब्रेल ने जीता था, लेकिन इसके चार साल बाद 1988 में सोल ओलंपिक में उन्होंने भाग नहीं लिया।
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