खाद्य सुरक्षा कानून के लिए प्रतिबद्ध है संप्रग सरकार न्यायाधीश के रूप में श्रीनिवासन को 21 सांसदों का समर्थन फिक्सिंग से मेरा सिर शर्म से झुक गया: जितेंद्र सिंह फिक्सिंग से मेरा सिर शर्म से झुक गया: जितेंद्र सिंह फिक्सिंग से मेरा सिर शर्म से झुक गया: जितेंद्र सिंह फिक्सिंग से मेरा सिर शर्म से झुक गया: जितेंद्र सिंह शशिकांत शर्मा बने नए CAG, 2017 तक होगा कार्यकाल फाइनल के लिए आखिरी जंग लड़ने उतरेंगे मुंबई-राजस्थान फाइनल के लिए आखिरी जंग लड़ने उतरेंगे मुंबई-राजस्थान फाइनल के लिए आखिरी जंग लड़ने उतरेंगे मुंबई-राजस्थान
अब मैं लाइट हेवीवेट में जाना चाहता हूं: विजेंदर
लंदन, एजेंसी
First Published:07-08-12 08:57 PM
भारत के स्टार मुक्केबाज विजेंदर सिंह ने कहा कि वह देश को और पदक दिलाने की मुहिम में अपने भार वर्ग को बदलकर लाइट हेवीवेट (81 किग्रा) करने की योजना बना रहे हैं। बीती रात उनका लगातार दो ओलंपिक में पदक जीतने का सपना टूट गया था।
बीजिंग ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले विजेंदर अभी 75 किग्रा वर्ग में खेलते हैं और अब वह इससे अधिक वर्ग में खेलना चाहते है। विजेंदर ने कहा कि मैं पिछले लगभग छह वषों से 75 किग्रा वर्ग में भाग ले रहा हूं। अब मैं 81 किग्रा में भाग लूंगा और उम्मीद है कि इस नए वर्ग में अच्छा करने में सफल रहूंगा। मुझे इस वर्ग में भारत के लिए अच्छा करने की उम्मीद है और मैं अगले ओलंपिक में भाग लेना चाहता हूं।
उज्बेकिस्तान के एबोस अतोएव के खिलाफ क्वार्टर फाइनल बाउट में उन्हें 13-17 से हार मिली। विजेंदर ने कहा कि मैंने शत प्रतिशत दिया लेकिन मैं दुर्भाग्यशाली था कि मैं बाउट नहीं जीत सका। उन्होंने कहा कि मैंने सब कुछ किया लेकिन जीत नहीं सका। वह काफी अच्छा मुक्केबाज था। मैंने कुछ गलतियां कीं जो मुझे महंगी पड़ीं। लेकिन खेलों में ऐसा होता है। आप कुछ जीतते हैं और कुछ में आपको हार मिलती है।
विजेंदर ने कहा कि अगर मुझे उससे भिड़ने का दोबारा मौका मिलता है तो मैं कोशिश करूंगा कि इन गलतियों को नहीं दोहराऊं। मुक्केबाज होने के नाते आपको प्रत्येक बाउट से सीखना चाहिए और आपको इन गलतियों का दोहराव नहीं करना चाहिए। मिडिलवेट वर्ग में दुनिया के पूर्व नंबर एक मुक्केबाज की दूसरे राउंड में पीठ की मांसपेशियों में खिंचाव आ गया था और कुछ हद तक इसने उनके मूवमेंट में बाधा उत्पन्न की। उन्होंने कहा कि दूसरे राउंड में मेरी पीठ की मांसपेशियों में खिंचाव आ गया था। यह जल्द ही ठीक हो जाएगा, मैं इसका उपचार लूंगा।
बीजिंग ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले विजेंदर अभी 75 किग्रा वर्ग में खेलते हैं और अब वह इससे अधिक वर्ग में खेलना चाहते है। विजेंदर ने कहा कि मैं पिछले लगभग छह वषों से 75 किग्रा वर्ग में भाग ले रहा हूं। अब मैं 81 किग्रा में भाग लूंगा और उम्मीद है कि इस नए वर्ग में अच्छा करने में सफल रहूंगा। मुझे इस वर्ग में भारत के लिए अच्छा करने की उम्मीद है और मैं अगले ओलंपिक में भाग लेना चाहता हूं।
उज्बेकिस्तान के एबोस अतोएव के खिलाफ क्वार्टर फाइनल बाउट में उन्हें 13-17 से हार मिली। विजेंदर ने कहा कि मैंने शत प्रतिशत दिया लेकिन मैं दुर्भाग्यशाली था कि मैं बाउट नहीं जीत सका। उन्होंने कहा कि मैंने सब कुछ किया लेकिन जीत नहीं सका। वह काफी अच्छा मुक्केबाज था। मैंने कुछ गलतियां कीं जो मुझे महंगी पड़ीं। लेकिन खेलों में ऐसा होता है। आप कुछ जीतते हैं और कुछ में आपको हार मिलती है।
विजेंदर ने कहा कि अगर मुझे उससे भिड़ने का दोबारा मौका मिलता है तो मैं कोशिश करूंगा कि इन गलतियों को नहीं दोहराऊं। मुक्केबाज होने के नाते आपको प्रत्येक बाउट से सीखना चाहिए और आपको इन गलतियों का दोहराव नहीं करना चाहिए। मिडिलवेट वर्ग में दुनिया के पूर्व नंबर एक मुक्केबाज की दूसरे राउंड में पीठ की मांसपेशियों में खिंचाव आ गया था और कुछ हद तक इसने उनके मूवमेंट में बाधा उत्पन्न की। उन्होंने कहा कि दूसरे राउंड में मेरी पीठ की मांसपेशियों में खिंचाव आ गया था। यह जल्द ही ठीक हो जाएगा, मैं इसका उपचार लूंगा।
00

टिप्पणियाँ
पदक तालिका
| देश | स्वर्ण | रजत | कांस्य | योग |
|---|---|---|---|---|
| 45 | 29 | 29 | 103 | |
| 38 | 27 | 22 | 87 | |
| 28 | 16 | 19 | 63 | |
| 23 | 25 | 33 | 81 | |
| 13 | 8 | 7 | 28 | |
| 11 | 19 | 14 | 44 | |
| 10 | 11 | 12 | 33 | |
| 8 | 7 | 11 | 26 | |
| 8 | 4 | 5 | 17 | |
| 7 | 16 | 12 | 35 | |
| 7 | 14 | 17 | 38 | |
| 7 | 1 | 5 | 13 | |
| 6 | 6 | 8 | 20 | |
| 6 | 5 | 9 | 20 | |
| 5 | 3 | 6 | 14 | |
| 5 | 3 | 5 | 13 | |
| 4 | 5 | 3 | 12 | |
| 4 | 4 | 4 | 12 | |
| 4 | 3 | 3 | 10 | |
| 4 | 0 | 2 | 6 | |
| 3 | 9 | 4 | 16 | |
| 3 | 4 | 8 | 15 | |
| 3 | 4 | 5 | 12 | |
| 3 | 2 | 1 | 6 | |
| 3 | 1 | 3 | 7 | |
| 2 | 5 | 2 | 9 | |
| 2 | 4 | 3 | 9 | |
| 2 | 3 | 4 | 9 | |
| 2 | 2 | 6 | 10 | |
| 2 | 2 | 5 | 9 | |
| 2 | 2 | 1 | 5 | |
| 2 | 1 | 1 | 4 | |
| 2 | 1 | 1 | 4 | |
| 2 | 1 | 0 | 3 | |
| 1 | 5 | 12 | 18 | |
| 1 | 3 | 4 | 8 | |
| 1 | 3 | 3 | 7 | |
| 1 | 3 | 3 | 7 | |
| 1 | 3 | 2 | 6 | |
| 1 | 1 | 3 | 5 | |
| 1 | 1 | 2 | 4 | |
| 1 | 1 | 2 | 4 | |
| 1 | 1 | 2 | 4 | |
| 1 | 1 | 1 | 3 | |
| 1 | 1 | 1 | 3 | |
| 1 | 1 | 0 | 2 | |
| 1 | 1 | 0 | 2 | |
| 1 | 0 | 3 | 4 | |
| 1 | 0 | 3 | 4 | |
| 1 | 0 | 0 | 1 | |
| 1 | 0 | 0 | 1 | |
| 1 | 0 | 0 | 1 | |
| 1 | 0 | 0 | 1 | |
| 0 | 2 | 4 | 6 | |
| 0 | 2 | 1 | 3 | |
| 0 | 2 | 0 | 2 | |
| 0 | 1 | 3 | 4 | |
| 0 | 1 | 3 | 4 | |
| 0 | 1 | 2 | 3 | |
| 0 | 1 | 2 | 3 | |
| 0 | 1 | 2 | 3 | |
| 0 | 1 | 1 | 2 | |
| 0 | 1 | 1 | 2 | |
| 0 | 1 | 1 | 2 | |
| 0 | 1 | 1 | 2 | |
| 0 | 1 | 1 | 2 | |
| 0 | 1 | 1 | 2 | |
| 0 | 1 | 0 | 1 | |
| 0 | 1 | 0 | 1 | |
| 0 | 1 | 0 | 1 | |
| 0 | 1 | 0 | 1 | |
| 0 | 0 | 2 | 2 | |
| 0 | 0 | 2 | 2 | |
| 0 | 0 | 2 | 2 | |
| 0 | 0 | 2 | 2 | |
| 0 | 0 | 1 | 1 | |
| 0 | 0 | 1 | 1 | |
| 0 | 0 | 1 | 1 | |
| 0 | 0 | 1 | 1 | |
| 0 | 0 | 1 | 1 | |
| 0 | 0 | 1 | 1 | |
| 0 | 0 | 1 | 1 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
| 0 | 0 | 0 | 0 |
स्थानीय ख़बरें
एन सी आर
पंजाब
उत्तराखंड
उत्तर प्रदेश
बिहार
झारखंड




ई-मेल



