class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

उपहार कांड: गोपाल अंसल ने तिहाड़ जेल में किया आत्मसमर्पण

उपहार कांड: गोपाल अंसल ने तिहाड़ जेल में किया आत्मसमर्पण

दिल्ली में 1997 के उपहार अग्निकांड में एक साल की सजा पाये गोपाल अंसल ने उच्चतम न्यायालय से और मोहलत न मिलने के बाद आज सजा काटने के लिये तिहाड़ जेल में अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।

प्रधान न्यायाधीश जे एस खेहर, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और एस के कौल की पीठ ने रियल एस्टेट कारोबारी की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उसने राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका लंबित होने की बात कही थी। पीठ ने उनसे शाम तक आत्मसमर्पण करने को कहा था।

एक जेल अधिकारी ने कहा, अंसल ने शाम करीब पांच—साढ़े पांच बजे आत्मसमर्पण किया। उन्हें फिलहाल जेल नंबर 3 के अस्पताल में रखा गया है क्योंकि उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी कुछ शिकायतें की थीं।

वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी ने जब इस मामले का जिक्र करते हुये न्यायालय से और वक्त मांगा तथा अदालत को बताया कि उन्होंने अपनी दया याचिका राष्ट्रपति के समक्ष दे रखी है तो पीठ ने कहा, माफ कीजिये, हम नहीं दे सकते।

उच्चतम न्यायालय ने वरिष्ठ वकील की उस याचिका को भी खारिज कर दिया जिसमें अंसल की राष्ट्रपति के समक्ष लंबित दया याचिका के जल्द निपटारे के लिये निदेर्श देने की मांग की गयी थी। पीठ ने कहा कि वह इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती क्योंकि वह राष्ट्रपति का एकाकी क्षेत्राधिकार है।

उच्चतम न्यायालय ने 9 मार्च को अंसल की उस याचिका को भी खारिज कर दिया था जिसमें उन्होंने अपने बड़े भाई सुशील अंसल के समान ही सजा दिये जाने का अनुरोध किया था। न्यायालय ने सुशील अंसल की उम्र संबंधी परेशानियों के मददेनजर उन्हें उतनी अवधि की ही सजा सुनाई थी जितनी अवधि वह जेल में गुजार चुके थे। न्यायालय ने गोपाल अंसल को सजा की बची हुई अवधि पूरी करने के लिये आज तक आत्मसमर्पण करने का वक्त दिया था। इससे पहले भी गोपाल अंसल इस मामले में करीब साढ़े चार महीने जेल में गुजार चुके हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:uphaar fire tragedy gopal ansal told by sc to surrender by monday evening
From around the web