Image Loading unitech vista of gurgaon buyers will approach to supreme court - LiveHindustan.com
शनिवार, 03 दिसम्बर, 2016 | 23:11 | IST
Mobile Offers Flipkart Mobiles Snapdeal Mobiles Amazon Mobiles Shopclues Mobiles
खोजें
ब्रेकिंग
  • 13000 करोड़ की सम्पति का खुलासा करने वाले गुजरात के कारोबारी महेश शाह को हिरासत में...
  • HT समिट: नोटबंदी पर पीएम मोदी ने जितनी हिम्मत दिखाई उतनी हिम्मत शराबबंदी में भी...

‘यूनिटेक विस्टा के बाकी खरीददार भी जाएंगे सुप्रीम कोर्ट’

गुड़गांव। राजीव दत्त पाण्डेय First Published:19-10-2016 09:14:53 PMLast Updated:19-10-2016 09:14:53 PM
‘यूनिटेक विस्टा के बाकी खरीददार भी जाएंगे सुप्रीम कोर्ट’

यूनिटेक बिल्डर्स को सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बड़ा झटका देते हुए गुड़गांव के सेक्टर 70 स्थित विस्टा प्रोजेक्ट के 39 खरीददारों को उनकी रकम लौटाने के आदेश के साथ 30 दिन में 2 करोड़ रुपये जमा करने के आदेश दिए हैं। यूनिटेक अब तक अदालत में 15 करोड़ रुपये की रकम जमा करा चुका है। अब शेष खरीददार भी दिल्ली हाईकोर्ट के निर्णय से यूनिटेक को मिले स्टे के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में हैं।

विस्टा रेजिडेंट एसोसिएशन के कार्यकारी समिति के सदस्य सुनील भारद्वाज ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने एतिहासिक फैसला दिया है। इसका फायदा सिर्फ उन्हीं लोगों को मिल सकता है जो अब तक सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं। 2 सितम्बर 2016 को दिल्ली हाईकोर्ट से यूनिटेक अलग अलग प्रोजेक्ट के 11 खरीददारों को खड़ा कर बड़ा लाभ उठा लिया। कंपनी अधिनियम की धारा 391 के अंतर्गत एक स्कीम बनाई कि गुड़गांव नोयडा के सभी 17 प्रोजेक्ट के खरीददार एक एस्क्रो एकाउंट खोलेंगे और उसमें शेष रकम जमा कराएंगे। उसके पश्चात सभी प्रोजेक्ट पूर्ण कर खरीददारों को दिए जाएंगे। कंपनी अधिनियम की धारा 391(6) के अंतर्गत जितने भी मामले सिविल चल रहे सभी स्टे हो गए।

हाईकोर्ट ने यूनिटेक की स्कीम को स्वीकार कर लिया। इसलिए एनसीडीआरसी में लंबित मामलों पर भी सुनवाई ठप हो गई। 4 दिसंबर को गुड़गांव में गुड़गांव एवं नोयडा के सभी खरीददार एकत्र होंगे और यूनिटेक के खिलाफ संघर्ष की रूप रेखा बनाई जाएगी। इसके पूर्व हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्नीम कोर्ट जाएंगे क्योंकि सिर्फ 11 खरीददारों की सहमति पर यूनिटेक को हाईकोर्ट से मिली राहत उचित नहीं है।

एक नजर प्रोजेक्ट पर

2009 में सेक्टर 70 में लॉंच हुआ था यूनिटेक विस्टा प्रोजेक्ट
2012 दिसंबर में लोगों को फ्लैट आवंटित किए जाने थे
14 फ्लोर के 5 ब्लाक में यहां 23 टॉवर निर्मित किए जा रहे थे
1288 आवासीय अपार्टमेंट यहां निर्मित किए जाने थे
28 माह से प्रोजेक्ट पर कुछ भी नया नहीं हुआ
02 ब्लाक एक और बी में 14 फ्लोर तक ढांचा बना, 02 ब्लाक सी और डी अभी शुरू नहीं
01 ब्लाक ई में 30 फीसदी तक काम हुआ

एनसीडीआरसी में काफी पडे़ हैं मामले

राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) में विस्टा प्रोजेक्ट में आशियाना की चाह रखने वाले काफी मामले लंबित हैं। आयोग ने गुड़गांव के सेक्टर-70 में चल रहे प्रोजेक्ट विस्टास के 39 ग्राहकों को पूरा पैसा ब्याज समेत लौटाने का निर्देश दिया था। आयोग में ग्राहकों ने अपनी अर्जी में कहा था कि 2008 में प्रोजेक्ट लांच हुआ था और 2012 में उन्हें फ्लैट मिलने थे लेकिन यूनिटेक ने उन्हें मकान डिलीवर नहीं किए। इस फैसले के खिलाफ यूनिटेक सुप्रीम कोर्ट गया था।

अदालत के फैसले पर जताई खुशी

अदालत में यूनिटेक बिल्डर ने गुड़गांव में प्रोजेक्ट विस्टा के खरीदारों को 2017 तक फ्लैट मिलने का भरोसा दिया लेकिन 39 खरीदारों ने इसे मानने से इनकार कर दिया है। 39 खरीदारों को यूनिटेक की ओर से जमा करवाए गए 17 करोड़ रुपये से पैसे वापस लौटाए जाएंगे। जनवरी 2017 के दूसरे हफ्ते में इस मामले की सुनवाई होगी तब बिल्डर को दी गई रकम पर ब्याज के बाबत फैसला लिया जाएगा। बिल्डर के खिलाफ अदालत जाने वाले लोगों में खुशी है कि उनकी मेहनत की रकम वापस मिल जाएगी लेकिन उन्हें दुख भी है कि अब इतनी रकम में वे आशियाना नहीं बना पाएंगे।

हमारे पास कोई विकल्प नहीं था

“हमने 8 साल इंतजार किया, अब और कितना करते, 55 लाख रुपये में थ्री बेडरूम का फ्लैट 2009 में बुक कराया। 12 में डिलेवरी मिलनी थी, 90 फीसदी से ज्यादा रकम देने के बाद भी हमें घर नहीं मिला। अदालत में इस केस की मैने खुद पैरवी की। पहली बार होगा कि सुप्रीम कोर्ट बिल्डरों द्वारा ली गई रकम उपभोक्ताओं को लौटाएगी।”
विकास कौल, यूनिटेक उपभोक्ता-फोटो

इतनी रकम में घर नहीं खरीद सकते

“सच है कि 55 लाख रुपये में आज गुड़गांव में दो बेडरूम का फ्लैट भी मुश्किल है। थ्री बेडरुम फ्लैट अब एक से सवा करोड़ का पडे़गा। लेकिन अब और इंतजार नहीं सकते थे, क्योंकि हमें हमारी खून पसीने कमाई डूबती दिख रही थी।” -त्रिपुम धीमान, यूनिटेक उपभोक्ता

दूसरों का भी बढे़गा साहस

'जनवरी में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर ब्याज पर भी निर्णय हो जाएगा। हमें दुख है कि आशियाना नहीं ले पाए लेकिन खुशी यह कि कम से कम रकम तो मिल गई। दूसरे इस जीत से दूसरे लोगों को भी साहस मिलेगा। वे बिल्डर के समक्ष संघर्ष के लिए खडे़ होंगे।' -नरेश पाल, यूनिटेक उपभोक्ता-फोटो

17 सितम्बर 2010 को खत्म हो गया था लाइसेंस

'विस्टा के लिए यूनिटेक को लाइसेंस 7 सितम्बर 2008 में मिला था जिसका नवीनकरण बिल्डर ने नहीं कराया और 17 सितम्बर 2010 में खत्म हो गया। उसके बाद बिना नक्शा स्वीकृत कराए सी, डी और ई ब्लाक के फ्लैट की बिक्री गई। इस पूरे मामले में प्रशासनिक अधिकारिंयों की अनदेखी ने भी उपभोक्ताओं की मुश्किले बढ़ाई। इस पूरे मामले में हमने 13 सितम्बर 2016 को दिल्ली के मंदिर मार्ग थाने में यूनिटेक प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई है।'-सुनील भारद्वाज, सदस्य, कार्यकारी समिति विस्टा रेजिडेंट एसोसिएशन

जरूर पढ़ें

 
Hindi News से जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
Web Title: unitech vista of gurgaon buyers will approach to supreme court
 
 
 
अन्य खबरें
 
From around the Web
जरूर पढ़ें
Rupees
क्रिकेट स्कोरबोर्ड