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देश ही नहीं विदेशों में भी पसंद की जा रही है खुर्जा की क्रॉकरी

देश ही नहीं विदेशों में भी पसंद की जा रही है खुर्जा की क्रॉकरी

शिल्पोत्सव में खुर्जा की क्रॉकरी देश ही नहीं विदेशों में भी लोगों को खूब लूभा रही है। विदेशों में प्रति वर्ष 10 से 15 प्रतिशत मांग बढ़ रही है। जब कि देश में 20 से 25 फीसदी की दर से खुर्जा में बनी क्रॉकरी पसंद आ रही है। इसका परिणाम यह है कि नोएडा स्टेडियम में लगे खुर्जा के क्रॉकरी के स्टॉलों पर लोग खूब खरीदारी कर रहे हैं। दीपावली पर्व के चलते एकाएक क्रॉकरी के सामान की कीमत अधिक बढ़ गई है।

शिल्पोत्सव में अभी दो दिन में क्रॉकरी का अच्छा कारोबार हुआ है। आगे ओर अधिक कारोबार होने की उम्मीद है। इससे क्रॉकरी कारोबारियों के चेहरे पर मुस्कान है। क्रॉकरी कारोबारी राजीव सैनी ने बताया कि उनका पूरा परिवार इस कारोबार में लगा हुआ है। वे स्वयं भी 18 वर्ष से इस कारोबार से जूड़े है। क्रॉकरी में नए डिजाइन और विभिन्न रंगों से क्रॉकरी सजाने से मांग काफी बढ़ी है। पहले सफेद और भूरा रंग ही क्रॉकरी के उत्पाद में होता था। अब हर रंग में क्रॉकरी के उत्पाद बाजार में उपलब्ध है। इससे लोगों में क्रॉकरी उत्पादों की मांग भी बढ़ी है। उन्होंने बताया कि क्रॉकरी के विभिन्न उत्पादों की कीमत 40 रुपये से लेकर 15 सौ रुपये तक है। नोएडा के अलावा लखनऊ, ताज, सूरजकुंड, जलपुर, चंड़ीगढ़  व बनारस सहित आदि शहरों में स्टॉल लगा चुके हैं।

क्रॉकरी की ये है वस्तुएं 

शिल्पोत्सव में आचार का जार, गोवा कप, गोवा मिल्क कप, मनी बैंक, तुलसी का गमला, मोर्निंग टी-सर्ट, दही हांड़ी, चम्मच स्टैंड व दोना आदि सामान है। 

क्रॉकरी के जार में नहीं होगा आचार खराब 

क्रॉकरी के सामान में आचार का जार भी है। इनकी कीमत साइज के अनुसार 50 रुपये से लेकर 180 रुपये तक है। कारोबारी मोहम्मद अजाज ने दावा किया है कि इस जार में आचार कभी खराब नहीं होगा। 

इन देशों में निर्यात होती है खुर्जा की क्रॉकरी 

कारोबारी राजीव सैनी ने बताया कि खुर्जा में बनी क्रॉकरी देश ही नहीं विदेशों में भी खूब पंसद की जा रही है। इसमें ज्यादा मांग कनाड़ा, दुबई, अमेरिका, आस्टेलिया, नेपाल, पाकिस्तान व थाईलैंड आदि देशों में क्रॉकरी खूब पसंद की जा रही है। 

बच्चों ने प्रस्तुत किया भरतनाट्यम

बुधवार को बच्चों ने भव्य रूप से भरतनाट्यम प्रस्तुत किया। इस कार्यक्रम की प्रस्तुति से भी लोगों ने जमकर तालियां बजाई। राजेश्वरी राजत्यागन ने बताया कि बच्चे काफी दिनों से कार्यक्रम की तैयारी कर रहे थे। उनकी प्रस्तुति पर लोगों ने खूब प्रशंसा की। शाम सात बजे से राक बैंड ने प्रस्तुति दी। 

शिल्पोत्सव में सभी शिल्पियों और स्टॉल संचालकों की हर सुविधा का ध्यान रखा जा रहा है। इसके अलावा मेले में आने वाले लोगों को किसी तरह की दिक्कतें नहीं हो, इसका भी नजर रखी जा रही है। किसी व्यक्ति को कोई परेशानी है तो उनसे आकर शिकायत कर सकते हैं। -अमित श्रीवास्तव, उपनिदेशक, पर्यटन विभाग, 

आज ये होगा शिल्पोत्सव में : 

शिल्पोत्सव में बृहस्पतिवार को गजल और भोजपुरी मिक्स कार्यक्रम होगा। इसमें आशुतोष श्रीवास्तव और सुरेश कुशवाहा भोजपुरी गाने प्रस्तुत करेंगे। इसके अलावा शाम साढ़े पांच बजे से स्थानीय स्तर पर स्कूल के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जांएगे।

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  • Web Title:khurja crockery is famous in indian cities and abroad