class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

तीन तलाकःमुस्लिम से हिन्दू लड़की की शादी में तलाक पर रोक की PIL खारिज

तीन तलाकःमुस्लिम से हिन्दू लड़की की शादी में तलाक पर रोक की PIL खारिज

हाई कोर्ट ने कहा है कि धर्म से अलग हटकर सभी महिलाएं समान व्यवहार और हक पाने का अधिकार रखती है। हाइकोर्ट ने तीन तलाक के मसले पर दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार करते हुए टिप्पणी की है। 

कार्यवाहक मुख्य न्यायधीश गीता मित्तल व न्यायमूर्ति अनु मल्होत्रा की पीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के समक्ष तीन तलाक का मसला विचाराधीन है, ऐसे में इस याचिका पर सुनवाई नही हो सकती। इसके साथ पीठ ने याचिका को खारिज कर दिया। 


इस पर याचिकाकर्ता ने कहा कि संविधान पीठ के समक्ष सिर्फ मुस्लिम महिलाओं को लेकर याचिका है जबकि उनकी याचिका में मुस्लिम युवक से शादी करने वाली हिन्दू लड़कियों के अधिकार की बात है। 
याचिका में कहा गया था कि हिन्दु लड़की और मुस्लिम लड़के के बीच हुआ निकाह के बाद मुस्लिम पति को तीन तलाक का हक नहीं देने की मांग की गई थी। 

याचिका में कहा  गया था कि हिन्दु लड़की के मामले में जो निकाहनामा बनाया जाता है वो उर्दू में होता है, इसलिए लड़की को तीन तलाक और मुस्लिम लड़के के बहुविवाह के बारे में जानकारी नहीं दी जाती है।

 याचिकाकर्ता की ओर से वकील विजय कुमार शुक्ला ने पीठ को बताया कि कई मुस्लिम युवकों से निकाह करने वाली हिन्दू लड़कियों ने उन्हें संपर्क किया और बताया की उनको तीन तलाक का खतरा बना हुआ है या हो चुका है, जिसके बाद वो न तो मुस्लिम पति के घर रह पा रही है और न ही मुस्लिम से शादी करने के बाद वो अपने मायके लौट पा रही हैं। 

याचिकाकर्ता का कहना है कि तीन तलाक से पीड़ित महिलाओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है लेकिन सुप्रीम कोर्ट के सामने केवल मुस्लिम महिलाओं का मामला है जबकि हिन्दु महिलाऐं भी तीन तलाक से प्रभावित हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:delhi hc refuses to hear pil seeking to hindu women married to muslim men not apply triple talaq