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1984 सिख दंगा- क्यों न पांच मामलों की जांच सीबीआई करे : कोर्ट

1984 सिख दंगा- क्यों न पांच मामलों की जांच सीबीआई करे : कोर्ट

वर्ष 1984 सिख दंगों से जुड़े पांच मामलों में हाईकोर्ट ने गुरुवार को सीबीआई से पूछा है कि क्यों न इन मामलों की जांच उन्हें सौंप दी जाए। इससे पहले 29 मार्च को हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए इन मामलों में आरोपी रहे 11 लोगों और दिल्ली सरकार को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा था कि क्यों न मामलों की जांच या सुनवाई दोबारा से करने के आदेश दिए जाएं। गौरतलब है कि 31 साल पहले 1986 में निचली अदालत सभी 11 आरोपियों को बरी कर चुकी है। मामले की अगली सुनवाई 1 मई को होगी। 

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति अनु मल्होत्रा की पीठ के समक्ष गुरुवार को दिल्ली पुलिस ने बताया कि बरी हो चुके आरोपी और शिकायतकर्ता को नोटिस की तामिल नहीं हो पाई। आरोपी कहां रह रहे हैं, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने पीठ से इसके लिए समय देने की मांग की। इसके बाद हाईकोर्ट ने आरोपी रहे बलवान सिंह खोखर सहित 11 लोगों और शिकायतकर्ताओं को दोबारा से नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने को कहा है।  ये पांचों मामले कैंट इलाके के पालम और राज नगर के हैं। इन मामलों में पुलिस ने सम्मलित आरोपपत्र दाखिल किए थे, जबकि गवाहों के अलग से सूची दाखिल की थी।

हाईकोर्ट ने 29 मार्च को सिख दंगों से जुड़े एक अन्य मामले में वरिष्ठ कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को बरी किए जाने और अन्य आरोपियों को सजा देने के खिलाफ दाखिल अपील पर सुनवाई के दौरान संज्ञान लिया। हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान तब लिया था सीबीआई ने 1986 में आरोपियों को बरी करने से जुड़े दस्तावेज पेश किए। पीठ ने दस्तावेज देखने के बाद कहा था कि लगता है कि निचली अदालत ने गवाहों और शिकायतकर्ताओं का सही से परीक्षण नहीं किया और जल्दबाजी में फैसला दिया।

कौन-कौन रहे हैं आरोपी
बलवान सिंह खोखर- तीन मामलों में आरोपी रहे हैं 
महेंद्र सिंह यादव- दो मामलों में आरोपी रहे हैं
धनपत
वेद प्रकाश
शिव चरण
रामजीलाल शर्मा
धनराज
महेंद्र सिंह 
महेंद्र सिंह मनन
राम कुमार
विद्यानंद

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  • Web Title:1984 sikh riots why cbi should not investigate five cases court