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कृषि शिखर सम्मेलन में उत्कृष्ट कार्य करने पर मिला सम्मान

कृषि शिखर सम्मेलन में उत्कृष्ट कार्य करने पर मिला सम्मान

सूरजकुंड में आयोजित द्वितीय कृषि शिखर सम्मेलन 2017 के समापन समारोह के दौरान हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी ने विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट रहे किसानों को पुरस्कृत किया। इनमें ऐसे कई किसान हैं, जिन्होंने कड़ी मेहनत करके अपनी आर्थिक स्थिति काफी मजबूत की है।

इन किसानों में सफीदों के विधायक व गांव अंटा निवासी उत्कृष्ट किसान जसबीर देशवाल प्रमुख रूप से से शामिल रहे, जिन्हें पोल्ट्री रतन अर्वाड 2017 भेंट करके नवाजा गया। देशवाल ने सन 1985 में अपना व्यवसाय केवल एक हजार मुर्गियों से शुरु किया था। अब उनकी जानीमानी स्काईलार्क हैचरी में 60 लाख मुर्गियां हैं और लगभग 1300 करोड़ रुपये का वार्षिक टन ओवर है। जिला सिरसा के गांव फतेहपुरिया के जेनेंद्र कुमार सहारन को शहर का बेहतरीन उत्पादन करने पर हनी रत्न पुरस्कार दिया गया। उनकी शुद्ध वार्षिक आय 35 लाख रुपये है। 

हिसार के गांव मात्रश्याम निवासी अनिल कुमार को मशरूम रतन से नवाजा गया। उनकी वार्षिक शुद्ध आय 50 लाख रुपए है। जिला सोनीपत के गांव खुबडू के नरेन्द्र धनखड़ को मशरूम लीडर के सम्मान से पुरस्कृत किया गया। जिनकी शुद्ध वार्षिक आय 30 लाख रुपए है।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि राज्यपाल प्रो कप्तान सिंह सोलंकी ने प्रगतिशील किसानों, अपने अपने क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों को भी पुरस्कार देकर सम्मानित किया। 

इस मौके पर मुख्य संसदीय सचिव सीमा त्रिखा, हैफेड के चेयरमैन हरविन्द्र कल्याण, सागर जिले के सांसद लक्ष्मी नारायण, विधायक मूलचंद शर्मा, टेकचंद शर्मा, महीपाल ढांडा, फरीदाबाद की मेयर सुमन बाला, किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष समय सिंह भाटी, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता सूरजपाल अम्मू, जिला अध्यक्ष गोपला शर्मा, न्यूजीलेंड की डिप्टी हाई कमीश्नर सुजैन जोसफ, जाबिया से एच सिखापाले इत्यादि गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। 

फसल बीमा के तहत इन्हें मिला मुआवजा
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के भिवानी के किसान राजेन्द्र सिंह को 3 लाख 27 हजार 935 रुपये, शमशेर सिंह को 2 लाख 43 हजार, भगवाना को एक लाख 80 हजार, सुरेन्द्र सिंह को एक लाख 62 हजार, महेन्द्र सिंह को एक लाख 62 हजार, रोहतक के राममेहर को 75 हजार 326 रुपए, हरीराम को एक लाख 38 हजार 556 रुपए, सतबीर को 94 हजार 18 रुपए व सहनसर को एक लाख 10 हजार 823 रुपए, करनाल के सुभाष चन्द्र को 60 हजार 902, जींद के रमेश को 59 हजार 242 तथा सुन्दर सिंह को 53 हजार 580 रूपए की फसल खराबा बीमा राशि भेंट की गई। 

इस दौरान राज्पाल ने सहकारिता समिति पुरस्कार वितरण के अन्तर्गत आठ किसानों को 25-25 हजार रुपए की सम्मान राशि व शाल भेंट की। इनमें दी हरियाणा स्टेट को-ऑप्रेटिव अपैक्स बैंक लिमिटिड की ओर से बलदेव सिंह सैनी व वेद प्रकाश कुलहारिया, दी हरियाणा स्टेट फैडरेशन ऑफ को-आप्रेटिव शूगर मिल्ज लिमिटेड की ओर से ज्ञान सिंह घई, सुरेन्द्र कांत व रामेश्वर, हैफेड की ओर से धर्मबीर व सुरजित तथा हरियाणा डेरी फैडरेशन की ओर से यह सम्मान पाने वालों में रविन्द्र शामिल रहे। 

किसानों को मिला रोटावेटर
चरखी दादरी से किसान राजेश, सफीदों से परमजीत सिंह तथा एलनाबाद से किसान सतबीर सिंह को रोटावेटर भेंट किए गए। इस दौरान व्यापारियों को लैपटॉप भी बांटे गए। सम्मान स्वरूप लैपटॉप पाने वाले व्यापारियों में चरखी दादरी के विकास गोयल व अमित मित्तल तथा सिरसा के व्यापारी जसप्रीत सिंह शामिल रहे। 

पूरा गांव हो रिस्क फ्री
कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने कहा कि पूरा गांव रिस्क फ्री हो जिसमें हर खेत, हर पशु और हर किसान का बीमा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने बीमा करवाया है उन्हें कंपनियों द्वारा तो मुआवजा दिया जाएगा ही साथ जिन्होंने बीमा नहीं करवाया है उन्हें भी गिरदावरी करवाकर मुआवजा दिया जाएगा। 

केमिकल युक्त नहरी पानी से मिलेगा छुटकारा
कृषि मंत्री ने पत्रकार वार्ता में माना कि पलवल, मेवात और फरीदाबाद में सिंचाई के लिए आगरा व गुड़गांव नहर से मिलने वाला पानी कैमिकल युक्त है। इस बारे में उन्होंने दिल्ली सरकार को भी पत्र लिखा है। इस दिशा में उनकी सरकार तेजी से कदम उठा रही है। दरअसल, सम्मेलन के दौरान उच्च गुणवत्ता परक अन्न उत्पादन करने पर जोर दिया गया, जो कैमिकल युक्त नहरी पानी से संभव नहीं।

सम्मेलन के अंतिम दिन किसानों ने खूब की खरीददारी
कृ़षि नेतृत्व शिखर सम्मेलन के अंतिम दिन किसानों ने खूब खरीददारी की। किसी ने अच्छी गुणवत्ता के बीज खरीदे तो किसी ने पशु दुग्ध उत्पादन में वृद्धि करने के लिए खनिज मिश्रण की खरीददारी की। इस मेले में कृषि उपकरणों को भी किसानों ने खूब सराहा। 

कृषि मेले में लाला लाजपतराय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय हिसार की ओर से स्टाल लगाया हुआ था। जहां वैज्ञानिक किसानों को खनिज मिश्रण का इस्तेमाल करके दुग्ध उत्पादन में बढ़ौतरी करने के तरीके समझाते नजर आए। विश्वविद्यालय से आए निदेशक (एक्सटेंशन एजुकेशन) डॉक्टर सुधी रंजन गर्ग ने किसानों को बताया कि उनके विश्वविद्यालय की ओर से मिट़्टी को लेकर सर्वे कराया गया। इसके आधार पर यह पाया कि हरे चारे व पशुओं के आहार में कई तरह के खनिजों की कमियां है। इससे जहां पशु गर्भधारण नहीं कर पाता है, वहीं दुग्ध उत्पादन में भी भारी कमी रहती है। इसके चलते विश्विद्यालय ने अपनी ओर से खनिज मिश्रण तैयार कराया गया है। डॉक्टर गर्ग ने बताया कि प्रदेश के तीन जिलों जींद, रोहतक और भिवानी में उनके केंद्रों पर यह खनिज मिश्रण मिलना शुरु हो गया है, जबकि मांग के मुताबिक गुरुग्राम, रेवाड़ी, सोनीपत, कैथल और हिसार में अगले 10 दिनों में मिलना शुरु हो जाएगा। बघौला गांव से आए किसान घनश्याम, प्रकाश,छिद्दा, हुकम सिंह, घनश्याम व मांगे राम ने बताया कि वह विश्वविद्यालय की ओर से तैयार किए गए खनिज मिश्रण के पैकेट खरीदने के लिए दोबारा मेला पहुंचे हैं। इससे पशु के दुग्ध उत्पादन में फर्क शुरु हुआ है।

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  • Web Title: respect for doing excellent work in agriculture summit