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दलित आरक्षण छोड़ने को तैयार: रामदास अठावले

दलित आरक्षण छोड़ने को तैयार: रामदास अठावले

केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि दलित समाज आरक्षण छोड़ने को तैयार है बशर्ते देश में जाति व्यवस्था पूरी तरह से समाप्त हो। डॉ. बीआर अंबेडकर ने जातिविहीन समाज की कल्पना की थी। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न प्रदेशों में आरक्षण के लिए आंदोलन किए जा रहे हैं। ऐसे में जाट, पटेल, मराठाओं को आरक्षण दिया जाना चाहिए, लेकिन दलित और पिछड़ों का आरक्षण छेड़े बगैर दिया जाए। इसलिए जाटों को आरक्षण देने के लिए आरक्षण 75 फीसदी तक करना चाहिए।

रामदास अठावले शुक्रवार को सेक्टर-16 स्थित विश्राम गृह में पत्रकारवार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि जाटों को आरक्षण देने से हरियाणा में दलितों पर अत्याचारों में भी कमी आएगी। हरियाणा में दलितों पर अत्याचार सभी सरकारों में हुए हैं। यह मानसिक बीमारी है। वर्तमान सरकार के शासन में लोगों की मानसिकता बदल रही है। समाज में परिवर्तन आ रहा है। विभिन्न समुदायों में बेटी और रोटी का संबंध तेजी से बढ़ रहा है। अंतरजातिय विवाह को बढ़ावा देने के लिए उनका मंत्रालय एक लाख रुपये तक की मदद करता है। वर्तमान सरकार सबका साथ-सबका विकास की सोच पर चल रही है। इस मूलमंत्र से सभी वर्गों को लाभ हुआ है।

उन्होंने दावा किया कि आने वाले पांच वर्ष में बहुत समाज पार्टी का पूरी तरह से अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी देश के लोकप्रिय नेता है। यह उत्तर-प्रदेश के चुनाव के परिणामों ने साबित कर दिया। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जब तक राहुल गांधी राजनीति में हैं तब तक प्रधानमंत्री मोदी को कोई खतरा नहीं है। इस मौके पर आरपीआई के प्रदेशाध्यक्ष अनिल बाबा, जवाहर यादव, सर्वेश कुमार, मनोज जोगी, कुलदीप मल्ली, सजन कुमार, डॉ. राममेहर, कुलविंद्र कुमार, दलबीर सिंह व टीकाराम आदि मौजूद रहे। इसकेबाद अठावले ने सेक्टर-18 डॉ. भीमराव जनसंदेश कार्यक्रम में शिरकत की।

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  • Web Title: ready to leave dalit reservation ramdas athavale