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दिल्ली कूच करने के लिए जाटों ने किया गांवों का दौरा 

जाट समुदाय की मांग नहीं माने जाने के बाद से जाट सरकार से पूरी तरह नाराज हैं। शनिवार को अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश महासचिव रामकिशन मलिक व दयालपुर धरने के प्रधान बबलू हुड्डा सहित दर्जनों समुदाय के लोगों ने क्षेत्र के दर्जनभर से अधिक गांवों के घर-घर जाकर समुदाय के लोगों को 20 मार्च को दिल्ली कूच करने का निमंत्रण दिया। 

इस दौरान प्रदेश महासचिव रामकिशन मलिक व बबलू हुडा ने सरकार पर धोखा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 20 मार्च आरक्षण की लड़ाई का अंतिम दौर होगा। जब तक मांगें नहीं मानी जाएंगी, आंदोलनकारी किसी भी सूरत में वापस नहीं लौटेंगे। धरनों की कमान महिलाओं के हाथ में होगी। दोनों नेताओं ने दावा किया कि 20 मार्च को दिल्ली कूच करने की तैयारी जोरशोर से चल रही है। उन्होंने कहा कि जाट समुदाय के लोग दिल्ली कूच बेहद शांति प्रिय तरीके से करेंगे, यदि प्रशासन ने उनसे छेड़खानी की तो वह वहीं अपना धरना जमाकर बैठ जाएंगे। गांवों के दौरे पर उन्होंने समुदाय के लोगों को बताया कि उनके पूर्वजों ने बलिदान दिया है। आज हमारा हक मांगने का दिन है। खेती से आने वाली पीढ़ी परिवार नहीं पाल सकती। इसलिए समुदाय को आरक्षण हर कीमत पर चाहिए। इस मौके पर उनके साथ दीपक दलाल, मास्टर महावीर, मानसिंह करदम, मान सिंह बीसला, विरेंद्र मास्टर, मास्टर ओमपाल सहित अनेक लोग मौजूद थे। इस दौरान उन्होंने गांव दयालपुर, अटाली, गढ़खेड़ा, बहादरपुर सहित अनेकों गांवों में समुदाय के लोगों को निमंत्रण दिया।  

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  • Web Title: jats visit villages in delhi to travel