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सस्ते लोन का झांसा देकर 300 लोगों से करोड़ों की ठगी

दो से तीन प्रतिशत वार्षिक ब्याज पर कर्ज का झांसा देकर लोगों को ठगने वाले चार बदमाशों को अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया है। आरोपी 300 से अधिक लोगों से 4.50 करोड़ रुपये की ठगी कर चुके थे। पुलिस ने इनके 36 बैंक खातों को सीज कर दिया है। इनके पास से 100 ग्राम सोना, 500 ग्राम चांदी, दो बाइक, एक स्कूटी और फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं।  

पुलिस उपायुक्त मधुर वर्मा के अनुसार, मुंबई के पालघर निवासी जॉय परेरा ने अपराध शाखा से ठगी की शिकायत की थी। जॉय ने पुलिस को बताया कि अखबार में विज्ञापन देखकर उन्होंने लक्ष्मी नगर स्थित एक कंपनी से चार लाख रुपये के कर्ज के लिए आवेदन दिया था। 

उनके मुताबिक, कंपनी ने दो फीसदी ब्याज पर कर्ज देने के लिए उनसे फाइल के नाम पर पहले 4500 रुपये बैंक खाते में जमा करवाए। इसके बाद 15780 रुपये कर्ज दस्तावेज भेजने के लिए, 27350 रुपये अधिवक्ता की फीस और 36000 रुपये तीन जमानती के लिए जमा करवाए गए। इसके बाद उनसे 36 हजार रुपये मांगे गए तो उन्हें ठगी का शक हुआ। उन्होंने रकम जमा कराने से इनकार कर दिया। 

इस शिकायत पर अपराध शाखा के एसीपी आनंद मिश्रा की देखरेख में इंस्पेक्टर विनय त्यागी ने जांच शुरू की। पुलिस ने जांच के बाद बीते छह अप्रैल को 42 वर्षीय कृष्ण पाल को गिरफ्तार कर लिया। उससे हुई पूछताछ के बाद 27 वर्षीय रवि, 24 वर्षीय तिक्षणपाल और 35 वर्षीय रजनीश प्रकाश को गिरफ्तार किया गया। रवि इस गिरोह का सरगना है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि ठगी की रकम में से लाखों रुपये उन्होंने अपने घर को बनाने में खर्च किए। इसके अलावा कार, बाइक, स्कूटी और सोना भी उन्होंने इसी रकम से खरीदा था। 

फर्जी दस्तावेजों पर बैंक खाते खोले : पुलिस के अनुसार, अब तक की जांच में आरोपियों के 36 बैंक खातों की जानकारी मिली हैं। यह बैंक खाते फर्जी दस्तावेजों पर खोले गए थे। आरोपी ठगी की रकम को इन बैंक खातों में मंगवाते थे। रकम के आते ही एटीएम से उसे निकाल लिया जाता था। पुलिस को बैंक खाते खंगालने से पता चला है कि अब तक आरोपी 300 से अधिक लोगों से 4.50 करोड़ रुपये बैंक खाते में जमा करवा चुके थे। 

एक ही गांव में ठगों का जमावड़ा : पुलिस को जांच में पता चला कि बुलंदशहर के ढकपुरा गांव में फाइनेंस कंपनी के नाम पर ठगी करने वाले युवकों की भरमार है। गांव के 50 से अधिक युवक इस प्रकार की ठगी में लगे हुए हैं। गिरोह के सरगना रवि ने पुलिस को बताया कि राजकुमार, राजू, राहुल, सौरभ, मनीष, निशु, रवि, कुलदीप, प्रमोद, विनेश चौहान, बब्बू, हरेन्द्र, अजीत, कुलदीप, धीरज, विनय राघव और सचिन उसके साथ मिलकर ठगी की वारदात करते हैं। 

गिरफ्तार आरोपी
रवि कुमार: बुलंदशहर के ढकपुरा का रहने वाला रवि अलीगढ़ से स्नातक की पढ़ाई कर चुका है। फिलहाल वह वकालत की पढ़ाई कर रहा है। वर्ष 2012 में वह अपने गांव में रहने वाले कुलदीप के संपर्क में आया जो फाइनेंस कंपनी के नाम पर ठगी करता था। वह उसके साथ ठगी करने लगा। रवि पहले भी पंजाब के रोपड़ में गिरफ्तार हो चुका है। 

कृष्ण पाल: कृष्ण पाल का जन्म बुलंदशहर के ढकपुरा गांव में हुआ था। वह 12वीं तक पढ़ा है। वह 17 वर्ष तक सेना में चालक की नौकरी कर चुका है। वर्ष 2013 में वह सेवानिवृत्त हुआ। इसके बाद वह अपने भतीजे रवि कुमार के साथ मिलकर ठगी करने लगा। वह भी पंजाब के रोपड़ में ठगी के आरोप में गिरफ्तार हो चुका है। 

तिक्षणपाल: अलीगढ़ का रहने वाल तिक्षणपाल गिरोह के सरगना रवि का रिश्तेदार है। वह बीएससी द्वितीय वर्ष तक पढ़ा है। इसके बाद वह रवि के संपर्क में आकर उसके साथ ठगी करने लगा। वह रवि के साथ रोपड़ में पहले भी गिरफ्तार हो चुका है। 

रजनीश प्रकाश: अलीगढ़ के रहने वाले रजनीश ने वर्ष 2000 में स्नातक की पढ़ाई पूरी की थी। कोई अच्छी नौकरी नहीं मिली तो वह अलीगढ़ पासपोर्ट दफ्तर के बाहर दलाली करने लगा। बाद में वह इस गिरोह के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने लगा। 

पीड़ित करें संपर्क : अगर इस तरह से किसी शख्स के साथ ठगी हुई है तो वह पुलिस में अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।  acp-sos-dl@nic.in पर शिकायतकर्ता ईमेल कर सकता है। इसके अलावा, एसीपी से 9818099087, इंस्पेक्टर से 8750871215 और जांच अधिकारी से 9654434352 पर संर्पक किया जा सकता है। 

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  • Web Title: 300 people cheated crores of money by hoaxing cheap loans
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