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एचटी समिट : अखिलेश ने गठबंधन की वकालत की

नई दिल्ली। विशेष संवाददाता First Published:02-12-2016 03:01:12 PMLast Updated:02-12-2016 09:17:49 PM
एचटी समिट : अखिलेश ने गठबंधन की वकालत की

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपने खास अंदाज में थे। उन्होंने हर सवाल का बेबाकी से जवाब दिया। चुनाव में गठबंधन की वकालत की और अकेले चुनाव जीतने का दावा भी किया। उन्होंने बसपा को लड़ाई से बाहर बताते हुए इशारों में साफ कर दिया कि सीधा मुकाबला भाजपा से होगा। अपने जवाबों से उन्होंने कई बार लोगों को ठहाका लगाने पर मजबूर कर दिया।

गठबंधन की वकालत
चुनाव में मुख्यमंत्री ने एक बार फिर गठबंधन की वकालत की। अखिलेश यादव ने दावा किया कि सपा चुनाव जीतकर दोबारा सरकार बनाने जा रही है। गठबंधन होता है, तो हम तीन सौ से ज्यादा सीटें जीतेंगे। पर किसी न किसी को यह स्वीकार करना होगा कि उनकी सीट कम होगी। गठबंधन में समझौता करके ही आगे बढ़ा जा सकता है। मगर यह सब पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और कांग्रेस को तय करना है।

जनता सबक सिखाएगी
हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट में हिस्सा लेते हुए अखिलेश यादव ने नोटबंदी के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नोटबंदी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मुद्दा बनेगा। नोटबंदी के बाद कोई बड़ा आदमी लाइन में नहीं लगा। लोकतंत्र में जनता को जो दुख देते हैं, मौका मिलने पर जनता भी उस पर गुस्सा जताती है। उन्होंने कहा कि लेन-देन काला हो सकता है, पर पैसा कभी काला नहीं होता।

सपा अध्यक्ष होता तो प्रस्ताव करता
पार्टी महासचिव अमर सिंह के बारे में सवाल किए जाने पर अखिलेश यादव ने कहा कि ‘अंकल’ का व्यवहार, उनकी भाषा और तजुर्बा ऐसा होना चाहिए कि प्रदेश में दोबारा सपा सरकार बने। यह पूछने पर कि क्या वह अमर सिंह को पार्टी में चाहते हैं या नहीं, उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा वह यह फैसला नहीं कर सकते हैं कि पार्टी में कौन रहे और कौन नहीं। अगर प्रदेश अध्यक्ष होता तो प्रस्ताव जरूर भेजता। उन्होंने यह भी कहा कि मुझे तलवार दे रहे हैं तो तैयार रहें कि चलेगी भी।

बाहर का टाइप राइटर मंजूर नहीं
सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के 'अमर सिंह नहीं होते तो वह जेल में होते' वाले बयान के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बयान मीडिया के लिए नहीं था। वह नेता जी की कोई बात नहीं टाल सकते। उनकी हर बात मानने के लिए तैयार हूं। पर मेरी चिठ्ठी टाइप करने के लिए कोई टाइप राइटर मंगवाएगा, तो वह इसे स्वीकार नहीं करेंगे। यह सवाल किए जाने पर कि क्या अमर सिंह का सीएम बनने का सपना है, अखिलेश यादव ने कहा कि यह उनका बहुत बड़ा सपना है। वैसे चुनाव के बाद मुख्यमंत्री कौन होगा, यह विधायक दल मिलकर तय करेगा।

राम के नाम का राजनीतिक लाभ नहीं
अखिलेश यादव ने यह भी साफ किया कि यूपी चुनाव में राम के नाम से राजनीतिक लाभ नहीं ले रहे हैं। रामायण थीम पार्क के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लायन सफारी और दूसरे थीम पार्क भी बनाए हैं। लोगों के लिए जो हो सकता है, वह कर रहे हैं। यूपी चुनाव में राम के नाम का राजनीतिक लाभ नहीं लेंगे। उन्होंने कहा कि सपा विकास के नाम पर चुनाव लड़ेगी और जीत कर सरकार बनाएगी।

अब बुआ नहीं कहूंगा
बसपा को लड़ाई से बाहर बताते हुए अखिलेश यादव ने यह ऐलान भी कर दिया कि वह अब बसपा सुप्रीमो मायावती को बुआ कहकर नहीं संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने बसपा सुप्रीमो के साथ अलग रिश्ता कायम किया है। वह उन्हें बुआ कहकर पुकारते हैं। यह राजनीतिक रिश्ता है, पर बसपा सुप्रीमो मायावती इस रिश्ते को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। बसपा के भारतीय जनता पार्टी से रिश्ते गिनाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि वह अब उन्हें बुआ कहना छोड़ देंगे।

बसपा लड़ाई से बाहर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बसपा की सबसे बड़ी तकलीफ यह है कि वह लड़ाई में नहीं है। बसपा-भाजपा के रिश्तों का उदाहरण देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि उन्होंने भाजपा के साथ मिलकर रक्षाबंधन मनाया। भाजपा के साथ गठबंधन सरकार बनाई। भाजपा के साथ सपा के गठबंधन के बारे में उन्होंने कहा कि सपा और भाजपा से कभी कोई रिश्ता नहीं हो सकता। दोनों बहुत अलग पार्टी हैं।

नोएडा का अंधविश्वास करूंगा दूर
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि वह नोएडा को लेकर अंधविश्वास दूर करने के लिए 2017 में नोएडा आएंगे। उन्होंने कहा कि यह अंधविश्वास अधिकारियों ने बनाया है। वह नहीं चाहते कि कुछ बातें जानकारी में आए।

अच्छा काम कर रहे हैं अरविंद केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि वह हर मुद्दे पर लड़ जाते हैं। वह दिल्ली में अच्छा काम कर रहे हैं। राजधानी में ऐसा आदमी जरूरी है, जो गलत चीजों को रोकता रहे।

इन टिप्पणियों पर लगे ठहाके

  • - नेताजी (मुलायम सिंह यादव) कुश्ती के खिलाड़ी हैं और वह फुटवाल के खिलाड़ी हैं।
  • - सपा में मतभेद विकास के रास्ते में रुकावट नहीं बने
  • -राजनीति का रस्ता टेढ़ा-मेढ़ा है। मनचाही रफ्तार नहीं मिलती।
  • - चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर को पीके कहते हैं।
  • - सीएम बनना उनका (अमर सिंह) का बड़ा सपना है।
  • - नोटबंदी से सभी पार्टियां साइकिल पर आ जाएंगी।
  • - साइकिल पर चलने से चुनाव में सपा का प्रचार होगा।
  • - मायावती काल में हुए भ्रष्टाचार के स्मारक आज भी हैं।

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