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अब शिक्षक बनने के लिए देनी होगी पीईटी-पीएमटी जैसी परीक्षा

अब शिक्षक बनने के लिए देनी होगी पीईटी-पीएमटी जैसी परीक्षा

1/3अब शिक्षक बनने के लिए देनी होगी पीईटी-पीएमटी जैसी परीक्षा

प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता मे सुधार के लिए केंद्र सरकार ने योग्य शिक्षक तैयार करने के लिए कुछ बुनियादी कदम उठाने पर विचार कर रही है। इसके तहत शिक्षकों की गुणवत्ता पर विशेष फोकस किया जा रहा है। केंद्र में इस बात पर करीब-करीब सैद्धान्तिक सहमति बन चुकी है कि शिक्षकों से जुड़े कोर्स में एडमिशन के लिए मेडिकल एवं इंजीनियरिंग की भांति एक राष्ट्रीय परीक्षा आयोजित हो। ताकि योग्य उम्मीदवारों का ही शिक्षक कोर्स में चयन हो सके।

राष्ट्रीय शिक्षक अध्यापक परिषद (एनसीटीई) द्वारा ग्रेजुएट एवं पोस्ट ग्रेजुएट स्तर के कुल 15 शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स चलाए जा रहे हैं। इनमें करीब दस लाख सीटें हैं। सबसे ज्यादा सीटें बीएड की हैं। हालांकि देश में शिक्षकों की कमी है लेकिन आलम यह है कि इनमें से आधी से अधिक सीटें खाली रह जाती हैं। दो वजहें हैं। एक अच्छे कालेजों की कमी है। दूसरे, शिक्षक बनने के प्रति दिलचस्पी की कमी है। सरकार चाहते है कि अच्छे उम्मीदवार शिक्षक बनने के लिए आएं। परीक्षा के जरिये इसे प्रतिस्पर्धी और आकर्षक बनाए जाए।

मानव संसाधन विकास मंत्रालय में स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता सचिव अनिल स्वरूप के अनुसार प्राथमिक शिक्षा में सुधार के लिए अच्छे शिक्षकों की जरूरत है। अच्छे शिक्षक तैयार करने के लिए जहां हम कार्यरत शिक्षकों को प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रीत कर रहे है, वहीं भविष्य में अच्छे शिक्षक तैयार करने के लिए राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा जैसे विकल्प पर विचार किया जा रहा है। साथ ही शिक्षक कालेजों की गुणवत्ता सुधारने के लिए भी एनसीटीई को कहा गया है।

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