Image Loading president pranab mukherjee parliamentary democracy governance - Hindustan
रविवार, 23 अप्रैल, 2017 | 15:30 | IST
Mobile Offers Flipkart Mobiles Snapdeal Mobiles Amazon Mobiles Shopclues Mobiles
खोजें
ब्रेकिंग
  • टीवी गॉसिप: क्रिकेट छोड़ भज्जी ने किया पोल डांस। कपिल ने सुनील को कहा थैंक्स।...
  • नवी मुंबई: कार शोरूम में आग लगाने से दो लोगों की मौत
  • टॉप 10 न्यूज़: विडियो में देखें देश और दुनिया की अभी तक की बड़ी खबरें
  • स्पोर्ट्स स्टार: विराट की टीम को मजबूती, इस स्टार बल्लेबाज की हुई वापसी। पढ़ें...
  • बॉलीवुड मसाला: जिन्होंने शो छोड़ा कपिल ने उन्हें कहा शुक्रिया, देखें EMOTIONAL VIDEO।...
  • मौसम दिनभरः दिल्ली-एनसीआर में आज रहेगी गर्मी। लखनऊ में छाए रहेंगे बादल। पटना,...
  • ईपेपर हिन्दुस्तानः आज का अखबार पढ़ने के लिए क्लिक करें
  • आपका राशिफलः कन्या राशि वालों को परिवार का सहयोग मिलेगा, नौकरी में तरक्की के बन...
  • सक्सेस मंत्र: काम को बोझ समझकर नहीं बल्कि पूरे मन और आनंद से करें
  • MCD चुनाव 2017: थोड़ी देर में शुरू होगा मतदान, 56 हजार सुरक्षाकर्मी करेंगे निगरानी
  • MIvDD : मुंबई ने दिल्ली को 14 रन से हराया

संसदीय लोकतंत्र में पूरे देश को साथ लेकर चलने की आवश्यकताः प्रणब

मुंबई, एजेंसी First Published:17-03-2017 10:29:09 PMLast Updated:17-03-2017 10:29:09 PM
संसदीय लोकतंत्र में पूरे देश को साथ लेकर चलने की आवश्यकताः प्रणब

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने शुक्रवार को कहा कि संसदीय लोकतंत्र में हमें पूरे देश को साथ लेकर चलने की आवश्यकता है और सत्ता में विराजमान लोगों को इसका ख्याल रखना चाहिए कि विचार-विमर्श और सर्वसम्मति ही शासन का श्रेष्ठ रास्ता होता है। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भाजपा के शानदार जीत हासिल करने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दिए भाषण की सराहना करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि विचार विमर्श और सर्वसम्मति ही शासन का श्रेष्ठ रास्ता होता है।

मुखर्जी ने यहां इंडिया टुडे द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि संसदीय लोकतंत्र में प्रचंड बहुमत के खुमार से बचना चाहिए। जो सत्ता में है, उन्हें अवश्य ही समूचे राष्ट्र को शासन प्रक्रिया से जोड़ना चाहिए और साथ लेकर चलना चाहिए। चुनाव में शानदार जीत के बाद दिए मोदी के बधाई भाषण की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि मैं यह सुनकर बहुत खुश हूं कि प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तर प्रदेश और अन्य राज्य विधानसभाओं के हालिया चुनाव में अपनी पार्टी को मिली जीत के बाद विनम्रता की बात कही।

उन्होंने कहा कि चुनावी फैसले हालांकि बहुमत के आधार पर तय किए जाते हैं लेकिन राज्यों का शासन सर्वमत के सिद्धांत पर होना चाहिये । यह भारत की परंपरा भी है और हमारे लोगों का बहुमत इसे कार्यरूप में देखने की आकांक्षा रखता है। कार्यक्रम में बांटे गए भाषण में राष्ट्रपति ने संसद में अक्सर पड़ने वाले व्यवधान के मुद्दे को भी उठाते हुए कहा कि मैं थोड़ी नाराजगी के साथ बोल रहा हूं क्योंकि मेरा पूरा सार्वजनिक जीवन संसद में मेरी भूमिका से परिभाषित हुआ है। उन्होंने कहा कि इसलिए मेरे लिए भारतीय लोकतंत्र के इस मूलभूत स्तंभ को निष्प्रभावी बनते देखना मुश्किल है।

मुखर्जी ने कहा कि उनके विचार से संसद की कार्यवाही में लगातार व्यवधान पड़ने, सदस्यों की कम उपस्थिति, संसद एवं राज्य विधानमंडलों में सत्र के दिनों का घटना तथा बजट एवं वित्तीय प्रस्तावों सहित अहम विधेयकों का गैर जिम्मेदाराना तरीके से पारित होने का कोई औचित्य नहीं है।

जरूर पढ़ें

 
Hindi News से जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
Web Title: president pranab mukherjee parliamentary democracy governance
 
 
 
अन्य खबरें
 
From around the Web
 
जरूर पढ़ें
क्रिकेट स्कोरबोर्ड