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नगरोटा हमले की चूक के कारण सेना पर दबाव, रक्षा मंत्री आज करेंगे बैठक

नई दिल्ली, मदन जैड़ा First Published:02-12-2016 01:04:30 AMLast Updated:02-12-2016 07:25:42 AM
नगरोटा हमले की चूक के कारण सेना पर दबाव, रक्षा मंत्री आज करेंगे बैठक

नगरोटा में हुए आतंकी हमले की चूक को लेकर सेना पर जिम्मेदारी तय करने का दबाव बढ़ गया है। खुफिया सूचनाओं के बावजूद आतंकियों के हमले में कामयाब होने से रक्षा मंत्रालय से लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार तक सेना से खफा बताए जा रहे हैं। इस हमले में दो अफसरों समेत सात जवानों के मारे जाने को सेना की बड़ी विफलता के रूप में देखा जा रहा है।

रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर बांग्लादेश से वापस लौटने के बाद शुक्रवार को इस मामले पर सेना के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक करने वाले हैं। आतंकी हमले में चूक की नियमित विभागीय जांच के अलावा भी उत्तरी कमान के शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ कुछ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। संभावना है कि शुक्रवार को रक्षा मंत्री इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार से भी मुलाकात करें।

बीएसएफ थी सतर्क

खुफिया एजेंसियों की तरफ से आतंकी हमले की पूर्व सूचना थी। बीएसएफ ने इस हमले को नाकाम किया। जबकि बीएसएफ के जिस शिविर पर हमला हुआ वह ज्यादा संवेदशनील स्थान पर चमलियाल में है जो सांबा जिले में पड़ता है। जबकि सेना पर जहां हमला हुआ है वह अपेक्षाकृत सुरक्षित स्थान है वहां तक आतंकियों का पहुचना ही अपने आप में सुरक्षा तंत्र की भारी विफलता है। दूसरे, बीएसएफ ने तीन आतंकियों को मार गिराया लेकिन उनके जवान और अफसर सिर्फ घायल हुए हैं। जबकि सेना खुफिया चेतावनी पर चूक कर गई।

सेना के नए केंद्र निशाने पर

सेना से जुड़े सूत्रों के अनुसार इसमें रणनीतिक चूक हुई है। दरअसल, सेना के जो ज्यादा संवेदनशील ठिकाने हैं, वहां कड़ी चौकसी बरती जा रही है। नगरोता जैसे स्थानों पर जहां आतंकियों का पहुंचना आसान नहीं था, वहां उतनी सतर्कता नहीं बरती गई। सेना मान रही है िक आतंकियों को स्थानीय मददगारों से जानकारी मिल रही है कि सेना के किन केंद्रों में सुरक्षा चौकस नहीं है।

नए सेनाध्यक्ष की नियुक्ति जल्द

रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार नए सेनाध्यक्ष की नियुक्ति प्रक्रिया को जल्दी अंतिम रूप दिया जाएगा। मौजूदा सेनाध्यक्ष का कार्यकाल इसी महीने खत्म होने जा रहा है। वैसे तो अब तक सेनाध्यक्ष के नाम का ऐलान हो जाना चाहिए था। लेकिन सूत्रों का कहना है कि प्रक्रिया चल रही है। लेफ्टिनेंट जनरल प्रवीन बख्शी नए सेनाध्यक्ष बन सकते हैं। नए वायुसेनाध्यक्ष की भी जल्द नियुक्ति की जाएगी उनका कार्यकाल भी खत्म होने जा रहा है।

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