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वर्ल्ड पप्पेट डे: पढ़िए, लिज्जत पापड़ पर छपे पप्पेट 'बन्नी' की कहानी

वर्ल्ड पप्पेट डे: पढ़िए, लिज्जत पापड़ पर छपे पप्पेट 'बन्नी' की कहानी

1/3वर्ल्ड पप्पेट डे: पढ़िए, लिज्जत पापड़ पर छपे पप्पेट 'बन्नी' की कहानी

आज हम आपको वर्ल्ड पप्पेट डे पर भारत की 100 साल पुराने पप्पेट अर्धवट राव मिलवाने जा रहे हैं। आज से 100 साल पहले भारत के अधुनिक पप्पेट (कठपुतली) अर्धवट राव का जन्म हुआ था। मुंबई के जादूगर यशवंत पाध्ये ने पप्पेट अर्धवट राव को बनाया था। बाद में उन्होंने इसे अपने बेटे रामदास पाध्ये को सौंप दिया। रामदास ने ही लिज्जत पापड़ पर छपे पप्पेट बन्नी को डिजाइन किया था। 

रामदास पाध्ये फिलहाल अपने बेटे सत्यजीत के साथ मिलकर पप्पेट बनाने का स्टूडियो चला रहे हैं। रामदास बताते है कि पप्पेट में बहुत ही धैर्य की जरूरत पड़ती है लेकिन आज कल की पीढ़ी तुरंत रिजल्ट चाहती है।

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हालांकि, सत्यजीत का कहना है कि डोरेमोन और छोटा भीम्स की कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद, वेंटिलोक्विज़्म कला मरने वाली नहीं है। सत्यजीत पेशे से एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं, लेकिन उन्होंने पारिवारिक परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए अपने पिता से जुड़ने का फैसला किया। फिलहाल वह प्रौद्योगिकी का उपयोग करके कठपुतली की कला को बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं। स्टैंड-अप कॉमेडी में कठपुतली को बहुत अधित पसंद किया जाता है। इसका भबिष्य उज्जवल है। 

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  • Web Title:meet indias 100-year-old puppet ardhawatrao