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किसान भी कर सकेंगे डिजिटल लेन-देन, सरकार ने बनाया ऐसा प्लान

नई दिल्ली, अरविंद सिंह First Published:02-12-2016 01:03:23 AMLast Updated:02-12-2016 06:58:39 AM
किसान भी कर सकेंगे डिजिटल लेन-देन, सरकार ने बनाया ऐसा प्लान

केंद्र सरकार खेतीबाड़ी के लिए नकदी पर आश्रित देश के किसानों को अब डिजिटल लेन-देन का पाठ पढ़ रही है। उनको प्रोत्साहित करने के लिए नकदी रहित खेती करने के फायदे गिनाए जा रहे हैं। सरकार ने पांच करोड़ से अधिक किसानों को ऑनलाइन लेन-देन का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए कृषि मंत्रालय सहित उसकी सहकारी संस्थाओं, नाबार्ड, इफको, अमूल आदि विभागों की अफसरों की टीम मैदान में उतर गई है।

किसानों को मिलेगी ई-बैंकिग से राहत

कृषि मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नोटबंदी के बाद पैदा हुए संकट को देखते हुए किसानों को ई-वॉलेट, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग जैसी तकनीक का प्रशिक्षण देने का फैसला किया गया है। इसकी तैयारी दो हफ्ते पहले शुरू हो गई थी। इसमें नीति आयोग, वित्त मंत्रालय, कृषि मंत्रालय, इफको, कृभको, नाबार्ड, अमूल, मदर डेयरी, एनएसी, कॉपरेटिव बैंकों, कॉपरेटिव सोसायटी आदि संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारियों प्रशिक्षण दिया गया है। इसके साथ ही अगले 15 दिनों का एक्शन प्लान तैयार किया गया है।

उपरोक्त विभागों व संस्थाओं के अधिकारी-कर्मचारी विभिन्न राज्यों में किसानों को डिजिटल लेन-देन का प्रशिक्षण देंगे। किसानों को मोबाइल, ऑनलाइन, ई-वॉलेट प्रक्रिया समझाने के लिए प्रस्तुतीकरण पेश करेंगे। जगह-जगह पोस्टर, बैनर, पेफ्लेट आदि वितरित किए जाएंगे। किसानों के मोबाइल में बैंकिंग सुविधाएं शुरू होगी। नए खाते खोले जाएंगे। शहरी कॉपरेटिव बैंकों में तेजी से खाते खोले जा रहे हैं। इसकी गति बढ़ाई जाएगी। खातों को आधार कार्ड से लिंक किया जाएगा। जिससे किसान खाद, बीज, कीटनाश आदि की खरीद डिजिटल माध्यम से कर सके।

किसानों के लिए बनाया गया यह प्लान

कृषि मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि इफको अपनी 50,000 सदस्य सहाकारी समितियों के माध्यम से पांच करोड़ किसानों को प्रशिक्षण देगा। इफको ने यूपी के दादरी मंडी में 25 नवंबर को 2000 किसानों को कैशलेस लेन-देने का प्रशिक्षण दिया। इसमें 30 किसानों ने मोबाइल बैंकिंग से खाद-बीज भी खरीदे। हरियाणा के पलवल में 25 किसानों को मोबाइल बैंकिंग से जोड़ा। इफको के 250 किसान सर्विस सेंटर में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के स्वैपिंग मशीन लगा का निर्देश। अगले हफ्ते तक 10,000 किसानों के एयरटेल पेमेंट बैंक खाते खोलने का लक्ष्य रखा है। 1000 कॉपरेटिव सोसायटी व प्रगितशील किसानों 2000 खाते खोलेंगे। इफको चार दिसंबर को यूपी में जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन करेगा।

अगले 10 दिनों में खोले जाएंगे 500 नए खाते

कृभको भी एयरटेल पेमेंट बैंकिंग से किसानों को जोड़ेगा। अगले 10 दिनों मे 500 नए खाते खोले जाएंगे। आगामी चार दिसंबर को बिहार के मोतीहारी में जागरुकता कार्यक्रम होगा। इसमें कृषि मंत्री राधा मोहन मौजूद रहेंगे। इसमें 200 किसानों के खाते खोले जांएगे।

इसके अलावा 61 कृषिक भारती सेवा केंद्र में पांइवट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन यानी स्वैपिंग मशीन लगेगी। जबकि 260 में लगाई जा चुकी है। किसान डेबिट-के्रडिट-रूपे कार्ड से भुगतान कर पाएंगे। कृषि मंत्रालय ने शहरी कॉपरेटिव बैंकों में स्पेशल काउंटर खोले और अधिक स्टाफ तैनात किए हैं। स्टाफ किसानों को कार्ड इस्तेमाल करने का तरीका भी सिखाएंगे। कॉपरेटिव बैंक मोबाइल बैंकिंग पंजीकरण, डेबिट कार्ड जारी करने का काम तेज करने को कहा गया है।

अगले 40 से 50 दिनों में 16,000 गांवों को कवर करने का लक्ष्य

नाबार्ड ने पिछले दो हफ्तों में 260 जिलों में कॉपरेटिव रूपे कार्ड किसानों को वितरित किए हैं। अगले 40 से 50 दिनों में 16000 गांवों को कवर करने का लक्ष्य रखा है। नाबार्ड रूपे कार्ड के लिए इस्तेमाल के लिए 1459 माइक्रो एटीम मशीन लगाएगा। वहीं, गन्ना कॉपरेटिव सोसायटी ने देहरादून के डोइवाला में 50 किसानों को प्रशिक्षण देने के साथ मोबाइल बैंकिंग से जोड़ा है।

नेशनल सीड कॉरपोरशन (एनसीसी) लखनऊ व दिल्ली में अपने सेल काउंटरों पर स्वैपिंग मशीन पहले ही लगा चुका है। एनसीसी आगामी 15 दिसंबर तक 72 काउंटरों पर सुविधा शुरू करने जा रहा है।

15 दिन में तीन लाख किसानों के खाते खुलवाने का लक्ष्य

अमूल से 34 लाख किसान जुड़े हैं और इसमें से 26 लाख किसान दूध की आपूर्ति करते हैं। अमूल से जुड़े 11.5 लाख किसानों के बैंकों में खाते हैं। अमूल ने गत 20 दिनों में दो लाख नए खाते खुलवाएं हैं और 15 दिन में तीन लाख किसानों के खाते खुलवाने का लक्ष्य रखा है।

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