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कार्रवाई:BSF जवान तेज बहादुर बर्खास्त, फैसले के खिलाफ HC में करेगे अपील

कार्रवाई:BSF जवान तेज बहादुर बर्खास्त, फैसले के खिलाफ HC में करेगे अपील

जवानों को दिए जाने वाले घटिया किस्म के भोजन को सोशल मीडिया पर प्रसारित करनेवाले जवान तेज बहादुर यादव को बीएसएफ ने बुधवार को बर्खास्त कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि तेज बहादुर यादव को सीमा सुरक्षा बल ने स्टाफ कोर्ट ऑफ इनक्वायरी की रिपोर्ट के आधार पर बर्खास्त कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि जांच में कांस्टेबल दर्जे के जवान द्वारा लगाए गए आरोप गलत पाए गए थे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, जवान की बखार्स्तगी की कार्रवाई सीमा सुरक्षा बल अधिनियम के तहत की गई। यह अधिनियम अर्द्धसैनिक बल में काम करने वाले सभी जवानों पर लागू होता है।

तेज बहादुर के आरोपों को लेकर बीएसएफ ने गृह मंत्रालय को अपनी पूरी रिपोर्ट भेजी थी। रिपोर्ट में तेज बहादुर के आरोप गलत पाए गए और उसके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई थी। जांच में यह भी पाया गया था कि तेज बहादुर लगातार गलतियां करता रहा है और उसे कई बार कड़ी सजा भी दी गई है, लेकिन वह अब तक नहीं सुधरा। तेज बहादुर के खिलाफ बीएसएफ कोर्ट की कोर्ट ऑफ इनक्वायरी तभी से चल रही थी। 

अधिकारी ने कहा, ‘यादव को अनुशासनहीनता के कुछ आरोपों में दोषी पाया गया। इसमें नियमों और कायदों का उल्लंघन करके वीडियो अपलोड करना भी शामिल है। उनके पास तीन माह के भीतर फैसले के खिलाफ अपील करने का विकल्प है।’

यादव ने वीडियो में कहा
देशवासियो, मैं आपसे एक अनुरोध करना चाहता हूं। हम लोग सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक, लगातार 11 घंटे इस बर्फ में खड़े होकर ड्यूटी करते हैं। कितना भी बर्फ हो, बारिश हो, तूफान हो, इन्हीं हालातों में हम ड्यूटी कर रहे हैं। फोटो में हम आपको बहुत अच्छे लग रहे होंगे मगर हमारी क्या सिचुएशन हैं, ये न मीडिया दिखाता है, न मिनिस्टर सुनता है। कोई भी सरकार आईं, हमारे हालात वहीं हैं। 

जवानों को भूखे पेट सोना पड़ता है
यादव ने वीडियो में कहा, हम किसी सरकार के खिलाफ आरोप नहीं लगाना चाहते। क्योंकि सरकार हर चीज, हर सामान हमको देती है। मगर उच्च अधिकारी सब बेचकर खा जाते हैं, हमारे को कुछ नहीं मिलता। कई बार तो जवानों को भूखे पेट सोना पड़ता है। मैं आपको नाश्ता दिखाऊंगा, जिसमें सिर्फ एक पराठा और चाय मिलता है, उसके साथ अचार नहीं होता। दोपहर के खाने की दाल में सिर्फ हल्दी और नमक होता है, रोटियां भी दिखाऊंगा। 

प्रधानमंत्री से की थी अपील
तेज बहादुर ने आगे कहा कि, मैं प्रधानमंत्री से कहना चाहता हूं कि इसकी जांच कराएं। दोस्तों यह वीडियो डालने के बाद शायद मैं रहूं या न रहूं। अधिकारियों के बहुत बड़े हाथ हैं। वो मेरे साथ कुछ भी कर सकते हैं, कुछ भी हो सकता है।

नियंत्रण रेखा पर तैनात था
यादव जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर तैनात बीएसएफ इकाई का हिस्सा था। यादव बल की 29वीं बटालियन में तैनात थे। जांच के दौरान उन्हें जम्मू में बीएसएफ बटालियन में स्थानांतरित कर दिया गया था। तेज बहादुर ने 9 जनवरी को सोशल मीडिया में वीडियो डालकर खराब खाना दिए जाने की शिकायत की थी। इस मामले ने काफी काफी तूल पकड़ा। केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी बीएसएफ से इस मामले की पूरी जांच करने को कहा था। इस वीडियो के आने के बाद कई और जवानों के मिलते-जुलते वीडियो सामने आए थे।

पीएम की मुहिम का हिस्सा बनना चाहता था: तेज बहादुर
कोर्ट मार्शल का फैसला आने के बाद तेज बहादुर ने एक चैनल से कहा कि मैं तो भ्रष्टाचार के खिलाफ पीएम मोदी की मुहिम का हिस्सा बनना चाहता था। मुझे अपनी बात रखने का मौका ही कहां दिया गया। मुझे इतने दिनों तक गिरफ्तार करके रखा गया। मैंने ऊंचे लेवल पर हर जगह शिकायत की थी। कहीं सुनवाई नहीं हुई। मुझे बर्खास्त करने में भी नियमों का ध्यान नहीं रखा गया। मैं बर्खास्तगी के खिलाफ अपील में जाऊंगा। मुझे सोशल मीडिया पर वीडियो डालने के असर की जानकारी नहीं थी। 

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  • Web Title:bsf jawan who took to social media complaining of bad food
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