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राजदेव हत्याकांड में शहाबुद्दीन की भूमिका की जांच करे सीबीआई: SC

नयी दिल्ली, एजेंसी First Published:23-09-2016 07:41:23 PMLast Updated:23-09-2016 07:55:36 PM
राजदेव हत्याकांड में शहाबुद्दीन की भूमिका की जांच करे सीबीआई: SC

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सीबीआई को निर्देश दिया कि वह पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड में अपनी जांच आगे बढ़ाए। कोर्ट ने बिहार पुलिस को भी निर्देश दिया कि वह रंजन के परिवार को सुरक्षा मुहैया कराए। रंजन के परिवार ने दावा किया था कि उसे राजद के बाहुबली नेता शहाबुददीन से जान का खतरा है।

न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति सी नागप्पन की पीठ ने रंजन की पत्नी की याचिका पर शहाबुद्दीन और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के बड़े बेटे एवं बिहार के स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव से जवाब भी मांगा है। रंजन की पत्नी ने अपने पति के हत्याकांड का मुकदमा बिहार के सीवान से बाहर स्थानांतरित कर दिल्ली लाने की गुहार भी न्यायालय से लगाई है।

पिछले दिनों तेज प्रताप की एक तस्वीर कुछ अखबारों में छपी थी, जिसमें उसे कथित गैंग्स्टर शहाबुद्दीन के दो शार्प शूटरों में से एक के साथ देखा गया था। पीठ ने कहा, इसके मद्देनजर हम निर्देश देते हैं कि सीबीआई अपनी जांच आगे बढ़ा सकती है, लेकिन इसे अंतिम रूप नहीं दे सकती और वह 17 अक्टूबर को इस अदालत के सामने अपनी जांच की स्थिति रिपोर्ट दाखिल करेगी। अपने निर्देश में पीठ ने यह भी कहा, सीवान जिले के पुलिस अधीक्षक याचिकाकर्ता और उनके परिवार को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराएंगे।

रंजन की पत्नी आशा रंजन ने पीठ के सामने दावा किया कि राजनीतिक प्रभाव और शहाबुद्दीन के डर से सीबीआई ने अब तक अपनी जांच शुरू भी नहीं की है, क्योंकि राज्य की मशीनरी इस हिस्ट्रीशीटर को बचा रही है।

साल 2014 में सुप्रीम कोर्ट में बिहार सरकार की ओर से दाखिल हलफनामे के मुताबिक शहाबुद्दीन के खिलाफ 58 आपराधिक मामले दर्ज हैं। जब वकील ने कहा कि मुकदमा दिल्ली स्थानांतरित किया जाना चाहिए, इस पर पीठ ने कहा, सीबीआई अपनी जांच वहां पूरी करेगी। आखिरकार, उनका पक्ष सुनने के बाद, हम विचार करेंगे कि मुकदमा स्थानांतरित किया जाना चाहिए कि नहीं। अभी सुनवाई तो चल नहीं रही है। उन्हें जांच करने दीजिए।

वकील ने कोर्ट को बताया कि बिहार पुलिस ने रंजन हत्याकांड में पांच लोगों को गिरफ्तार किया था, लेकिन शहाबुददीन के दोनों कथित शार्प शूटरों की गिरफ्तारी नहीं हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया, शहाबुददीन के डर से सीबीआई को मामले की जांच शुरू करने की भी हिम्मत नहीं हुई। दो शार्प शूटरों - मोहम्मद कैफ और मोहम्मद जावेद - को शहाबुद्दीन एवं बिहार के स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव के साथ देखा गया था । राज्य की पूरी मशीनरी शहाबुद्दीन को बचाने में लगी हुई है।

गौरतलब है कि कैफ ने दो दिन पहले ही सिवान की एक अदालत में आत्मसमर्पण किया है। वकील ने कहा कि पत्रकार रहे रंजन ने शहाबुददीन के आपराधिक कुकत्यों के बारे में कई खबरें लिखी थीं और बिहार में राजद-जदयू गठबंधन के सत्ता में आने के बाद उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। मुकदमे को सीवान से दिल्ली स्थानांतरित करने की मांग करते हुए उन्होंने कहा, शहाबुद्दीन का खौफ इतना ज्यादा है कि एक मुकदमे में उसे दोषी करार देने वाले सुनवाई अदालत के जज ने भी अपना तबादला सिवान से पटना करने का अनुरोध किया है ।

सुप्रीम कोर्ट के नोटिस पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए तेज प्रताप ने शुक्रवार को पटना में कहा कि भाजपा के उन नेताओं को भी ऐसे ही नोटिस जारी करना चाहिए जिनकी तस्वीरें मामले के एक संदिग्ध और अन्य अपराधियों के साथ सामने आई थीं ।

आशा रंजन के वकील किसलय पांडेय ने यह भी कहा कि रंजन हत्याकांड में भगोड़ा घोषित किए गए कैफ और जावेद को पनाह देने को लेकर शहाबुद्दीन और तेज प्रताप के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले में एक बदकिस्मत और लाचार विधवा इंसाफ के लिए दर-दर भटक रही है।

उन्होंने कहा कि कैफ ने तो आत्मसमर्पण कर दिया, लेकिन जावेद की गिरफ्तारी अब तक नहीं हुई है। पांडेय ने कहा कि जेल से शहाबुद्दीन की रिहाई के बाद आशा और उनके दो बच्चे लगातार खौफ में जीने को मजबूर हैं।

वकील ने कहा कि यदि जांच और सुनवाई बिहार में हुई तो शहाबुददीन एवं अन्य गवाहों को आतंकित करेंगे, जिसके कारण उन्हें इंसाफ नहीं मिल पाएगा ।

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Web Title: sc asks cbi to probe shahabuddin roll in journalist rajdev ranjan murder case
 
 
 
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