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शरारती बच्चे बने महान वैज्ञानिक

शरारती बच्चे बने महान वैज्ञानिक

खुद ही अंडों पर बैठ गए : थॉमस एडिसन
बल्ब बनाने वाले वैज्ञानिक थॉमस एडिसन बचपन में हमेशा कुछ न कुछ नया करने के तरीके सोचते रहते थे। वह पक्षियों को उड़ते हुए देखकर सोचा करते थे कि आखिर ऐसा क्यों है कि ये उड़ सकते हैं और इनसान नहीं! कहीं ऐसा तो नहीं कि कीड़े खाने से उनके अंदर उड़ने की शक्ति आ जाती है? इस रहस्य का पता लगाने के लिए एडिसन ने अपने घर की एक नौकरानी को कीड़े तक खिला दिए थे। हालांकि इसका असर बुरा हुआ, क्योंकि नौकरानी बीमार पड़ गई और उसे हॉस्पिटल में एडमिट कराने की नौबत तक आ गई। तब जाकर एडिसन को पता चला कि पक्षी कीड़े खाने  से नहीं उड़ते हैं और एक्सपेरिमेंट करने के चक्कर में किसी का नुकसान नहीं होना चाहिए। एक बार तो हद ही हो गई... एडिसन ने जब देखा कि पक्षी अपने अंडों पर बैठकर उन्हें सेते हैं, जिससे उनसे चूजे निकलते हैं तो वह खुद ही अंडों पर बैठ गए।
जब उनकी मां को इस बात का पता चला तो उन्होंने एडिसन की जमकर धुलाई की। स्कूल टीचर से वह अक्सर गंभीर और अजीबोगरीब सवाल करते थे, जिन्हें सुन कर उनके टीचर्स को चक्कर ही आने लगते थे।  हां, एडिसन की मां जरूर उनके हर सवाल का समझदारी से जवाब देती थीं।
किससे हुए मशहूर-  लाइट बल्ब, मोशन पिक्चर कैमरा, फोनोग्राफ
 
सवाल पर सवाल पूछते थे : अल्बर्ट आइंस्टीन
तुम्हें लगता होगा कि आइंस्टीन जैसे महान वैज्ञानिक तो बचपन से ही जीनियस रहे होंगे, पर असल में वह तो 12 साल की उम्र तक ठीक से बोल भी नहीं पाते थे। जब वह पांच साल के थे तो एक बार वह बीमार पड़ गए। उनके पापा ने उन्हें एक पॉकेट कॉम्पस लाकर दिया ताकि वह उससे अपना मन बहला सकें। उसे देखकर आइंस्टीन हैरान रह गए, क्योंकि वह हमेशा उत्तर दिशा की ओर इशारा करता था। बाद में उन्हें पता चला कि ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि कॉम्पस के मैग्नेट का नॉर्थ पोल धरती के मैग्नेटिक पोल के साउथ पोल की तरफ आकर्षित होता है, जो असल में धरती के ज्योग्राफिकल नॉर्थ पोल की तरफ है। बड़े होने पर जब उन्होंने अपनी जीवनी लिखी तो उन्होंने उसमें इस कॉम्पस के बारे में भी लिखा। आइंस्टीन के पापा का बिजली के उपकरण बनाने का बिजनेस था।  एक बार उनकी कंपनी को एक फेस्टिवल में लाइटिंग की जिम्मेदारी संभालने का काम मिला। इस फेस्टिवल में पहले कभी इलेक्ट्रिकल लाइट्स नहीं लगाई गई थीं। अल्बर्ट ने अपने पापा और चाचा की इस फेस्टिवल में लाइट्स लगाने में पूरी मदद की। उनके इस काम की काफी  तारीफ हुई।
किससे हुए मशहूर- थ्योरी ऑफ रिलेटिविटी, ए=टउ2, फोटॉन
 
 कॉपर के सिक्कों से बनाई बैटरी : फैराडे
 माइकल फैराडे बचपन में एक बुक स्टोर में किताबों की बाइंडिंग करते थे। बाइंडिंग करने के बाद वह उन्हीं किताबों को   घंटों तक पढ़ते रहते।  उन्हें  सबसे ज्यादा एन्साइक्लोपीडिया और केमिस्ट्री की किताबें पढ़ने में मजा आता था। धीरे-धीरे साइंस के लिए उनकी दीवानगी इतनी बढ़ गई कि बुक स्टोर से कमाए गए सारे पैसे वह केमिकल और लैब के उपकरण खरीदने में खर्च करने लगे। इन केमिकल्स और उपकरणों से वह साइंस की किताबों में लिखी गई बातों को परखते थे। इसी बीच एक दिन उन्हें सर हम्फ्री डेवी का लेक्चर सुनने का मौका मिला। इस लेक्चर को सुनकर माइकल को बहुत मजा आया। उन्होंने सोचा क्यों न सर हम्फ्री डेवी को कोई किताब गिफ्ट में देकर इंप्रेस किया जाए! किताब छपवाना तो संभव नहीं था, सो उन्होंने लेक्चर में बताई गई बातों के साथ ही कुछ और बातें जोड़ कर 300 पन्नों की एक किताब हाथ से लिख डाली। यही हाथ से लिखी हुई किताब उन्होंने सर हम्फ्री डेवी के पास भिजवा दी।
इसके बाद माइकल ने बुक स्टोर के मालिक की इजाजत लेकर स्टोर के पीछे वाले कमरे में प्रयोग करने शुरू कर दिए। उन्होंने कई अनोखी चीजें बनाईं, जैसे कॉपर के सिक्कों की बैटरी। इस बैटरी   की मदद से वह मैग्नीशियम सल्फेट जैसे   केमिकल्स   को डीकम्पोज करते थे।
इस बीच फैराडे का एक एक्सपेरिमेंट गलत हो गया और जिस वजह से वह बीमार पड़ गए और उनका लिखना बंद हो गया।  उधर उनकी लिखी हुई किताब सर हम्फ्री डेवी को पसंद आ गई और उन्होंने माइकल को केमिकल असिस्टेंट की नौकरी दे दी।
किससे हुए मशहूर- फैराडेज लॉ ऑफ इंडक्शन, इलेक्ट्रोकेमिस्ट्री, लॉ ऑफ इलेक्ट्रोलिसिस
 
खेती नहीं सीख पाए : न्यूटन
सर आइसेक न्यूटन एक किसान परिवार में पैदा हुए थे। वह भी किसान बन गए होते अगर उनके चाचा ने उनके पापा को उन्हें पढ़ाने के लिए राजी न किया होता। वह स्कूल से आने के बाद खेती करने जाते थे। पर उनका इस काम में मन नहीं लगता था, जिस वजह से वह बहुत बुरे किसान साबित हुए। तभी उनके अंकल ने उनकी मां को उन्हें ‘केम्ब्रिज्स ट्रिनिटी कॉलेज’ भेजने के लिए मना लिया। न्यूटन को रात में एप्पल पाई बनाना बहुत पसंद था। साथ ही वह कुछ-कुछ शरारती भी थे। वह अपनी बहन को कई बार चुपके से मार कर भाग जाते थे।
किससे हुए मशहूर- ग्रैविटी का सिद्धांत, कैलकुलस
 

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  • Web Title:naughty kids became great scientists
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