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पहाड़ों पर बनें चिड़ियाघर के इन जानवरों के बारे में जानते हैं आप

पहाड़ों पर बनें चिड़ियाघर के इन जानवरों के बारे में जानते हैं आप

1/3पहाड़ों पर बनें चिड़ियाघर के इन जानवरों के बारे में जानते हैं आप

क्या तुम जानते हो कि एक चिड़ियाघर ऐसा भी है, जहां सिर्फ पहाड़ पर रहने वाले जानवर ही पाए जाते हैं। ऐसे ही अनोखे जानवरों के बारे में जानते हैं आज

ऊंचाई पर बना सबसे बड़ा चिड़ियाघर
(पद्मजा नायडू हिमालयन जूलॉजिकल पार्क)

यह चिड़ियाघर ‘पहाड़ियों की रानी’ कहे जाने वाले शहर दार्जिलिंग में है। इसे दार्जिलिंग जू भी कहते हैं, जिसकी गिनती भारत के बेहतरीन चिड़ियाघरों में की जाती है। इसे खासतौर पर पहाड़ी क्षेत्रों के पशु-पक्षियों की प्रजातियों को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है। यहां स्नो लेपर्ड, तिब्बती लोमड़ियां, रेड पांडा और न्यूट्स (छिपकली की तरह दिखने वाला जानवर) बड़ी संख्या में हैं। यह नीली भेड़ और सलेटी रंग के मोर का घर भी है। इसे साल 1958 में हिमालयन जूलॉजिकल पार्क के नाम से बनाया गया था। 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने इसका नाम पश्चिम बंगाल की पूर्व गवर्नर पद्मजा नायडू के नाम पर बदल दिया था। यहां आने का सही समय मार्च से जून और सितंबर से जनवरी है। इस समय यहां मौसम साफ होता है और पार्क की सुंदरता देखने लायक होती है। यहां की प्रवेश फीस 20 रुपए है। कैमरा भी ले जा सकते हैं।

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  • Web Title:koala and kangaroo live together here