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छह कांडों में पुलिस अनिल ओझा को लेगी रिमांड पर

सदर थाने की पुलिस ने गुरुवार को सीजेएम कोर्ट में अनिल ओझा को रिमांड पर लेने के लिए अर्जी दी है। उसे रंगदारी, जालसाजी, जानलेवा हमला कर घायल करने व जमीन पर कब्जे की कोशिश आदि आरोपों सहित छह कांडों में रिमांड पर लिया जाएगा। पुलिस की इस अर्जी के बाद अनिल को तत्काल बेल मिलना आसान नहीं होगा।

मिठनपुरा पुलिस ने उसे केवल शराब के सेवन के मामले में जेल भेजा था। अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में उसके जल्द ही छूट जाने का खतरा है। इसको भांप पुलिस ने उसके खिलाफ रिमांड की अर्जी दाखिल की है।

इन छह कांडों में रिमांड पर लेने के अलावा हत्या, गोलीबारी व अन्य गंभीर आपराधिक कांडों की फाइल नगर डीएसपी आशीष आनंद गुरुवार को दिन भर खंगालते रहे। खासकर खबड़ा हत्याकांड में अनिल पर कार्रवाई के लिए केस डायरी को नगर डीएसपी ने बारीकी से पढ़ा। उन्होंने बताया कि अन्य कांडों में रिमांड पर लेने के लिए जल्द ही अर्जी दी जाएगी।

मोबाइल को भेजा गया सर्विलांस सेल :::

नशे की हालत में पानीटंकी चौक के पास से दबोचे गए अनिल ओझा के पास से पुलिस को मोबाइल मिला था। उसे पुलिस सर्विलांस सेल में जांच के लिए रखा गया है, ताकि उसमें डायल किए गए नंबरों की बारीकी से पड़ताल हो सके। पुलिस सूत्रों की माने तो अनिल ओझा फरारी अवधि में कई सफेदपोशों के संपर्क व संरक्षण में रहा है। जिस दिन उसे पकड़ा गया उस दिन भी उसने कई चर्चित लोगों से बात की थी। ये तमाम बातें उसके मोबाइल से खुल रही हैं। मोबाइल कॉल डिटेल से वे पुलिस कर्मी भी बेनकाब होंगे जो अनिल से फरारी अवधि में संपर्क में थे। बताया गया कि सर्विलांस के जरिये चल रही जांच की मॉनिटरिंग सिटी एसपी आनंद कुमार कर रहे हैं।

अनिल की संपत्ति पर हाथ डालने से कतराती रही पुलिस :::

कुख्यात अनिल ओझा की संपत्ति पर हाथ डालने से पुलिस कतरा रही है। अपराध से अर्जित उसकी संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई का आदेश पांच माह पहले जारी हुआ था। सिटी एसपी के इस आदेश को शहरी इलाके की पुलिस दबा कर बैठ गई। आदेश फाइलों में रही और अनिल ओझा खुलेआम शहर में घूमता रहा।

विवि के छात्र जदयू नेता शमीम खान हत्याकांड में रिपोर्ट जारी कर सिटी एसपी आनंद कुमार ने अनिल की संपत्ति का ब्योरा जुटाने का आदेश जारी किया था। इसमें उन्होंने कहा है कि घर की कुर्की के बावजूद वह गिरफ्तार नहीं हो सका है। फरार रहते हुए वह लगातार अपराध को अंजाम दे रहा है। अपराध से उसने बड़ी संपत्ति अर्जित की है। अवैध तरीके से अर्जित उसकी संपत्ति का लगाएं और विधि अनुरूप संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई करें।

अनिल ओझा के विरुद्ध इस कार्रवाई की रणनीति बनाए जाने की जानकारी सिटी एसपी ने आईजी, डीआईजी, सीआईडी के अफसरों को दी थी। उनके इस आदेश पर विवि थाने व शहरी इलाके की पुलिस को कार्रवाई करनी थी। लेकिन, आदेश के पांच माह बीतने के बावजूद न तो उसके जमीनों का ब्योरा लेने के लिए मुशहरी अंचल को और नहीं रिजस्ट्री कार्यालय को पत्र लिखा गया। इसे बाद इस मामले की सिटी एसपी ने भी खोजबीन नहीं की।

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  • Web Title:Six case shall remand in police Anil Ojha