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पढ़ें: नाथ परंपरा, गोरखपुर मंदिर और महंतों का इतिहास

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1/4 पढ़ें: नाथ परंपरा, गोरखपुर मंदिर और महंतों का इतिहास


गोरखनाथ मन्दिर, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर नगर में स्थित है। बाबा गोरखनाथ के नाम पर इस जिले का नाम गोरखपुर पड़ा है। वैसे तो इस मंदिर की काफी मान्यता है, लेकिन इन दिनों मंदिर के महंत बाबा आदित्यनाथ के यूपी के सीएम बन जाने के बाद ये मंदिर ज्यादा चर्चाओं में आ गया। गोरखनाथ मन्दिर के वर्तमान महंत श्री बाबा योगी आदित्यनाथ हैं। मकरसंक्राति के अवसर पर यहां विशाल मेला लगता है जो 'खिचड़ी मेला' के नाम से प्रसिद्ध है। मकरसंक्राति के दिन मंदिर के बाहर सुरक्षा के खास इंतजाम किए जाते हैं। 

क्या है मंदिर का इतिहास

गोरखनाथ (गोरखनाथ मठ) नाथ परंपरा में नाथ मठ समूह का एक मंदिर है। इसका नाम गोरखनाथ मध्ययुगीन संत गोरखनाथ (सी. 11 वीं सदी ) से निकला है जो एक प्रसिद्ध योगी थे जो भारत भर में व्यापक रूप से यात्रा करते थे और नाथ सम्प्रदाय के कैनन के हिस्से के रूप में ग्रंथों के लेखक भी थे।

नाथ परंपरा गुरु मच्छेंद्र नाथ द्वारा स्थापित की गई थी। गोरखनाथ मंदिर उसी स्थान पर स्थित है जहां वह तपस्या करते थे और उनको श्रद्धांजलि समर्पित करते हुए यह मन्दिर की स्थापना की गई। मंदिर का नाम गुरु गोरखनाथ के नाम पर रखा गया जिन्होंने अपनी तपस्या का ज्ञान मत्स्येंद्रनाथ से लिया था, जो नाथ सम्प्रदाय (मठ का समूह) के संस्थापक थे। अपने शिष्य गोरखनाथ के साथ मिलकर, गुरु मच्छेंद्र नाथ ने योग स्कूलों की स्थापना की जो योग अभ्यास के लिये बहुत अच्छे स्कूल माने जाते थे।

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  • Web Title:history of gorakhapur math temple and nath community