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अत्यधिक सफाई बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए नुकसानदेह

न्यूयॉर्क, एजेंसी First Published:18-04-2017 11:02:14 PMLast Updated:18-04-2017 11:02:14 PM
अत्यधिक सफाई बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए नुकसानदेह

बच्चे जब छोटे होते हैं तो हर अभिभावक की उन्हें धूल और गंदगी रहित साफ-सुथरा माहौल देने की कोशिश होती है। मगर एक शोध में विशेषज्ञों ने कहा है कि जरूरत से ज्यादा साफ-सफाई बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता के विकास में बाधक हो सकती है।

बच्चों के विकास और अभिभावकों के लिए सुझावों पर आधारित किताब ‘डर्ट इज गुड : द एडवांटेज ऑफ जर्म फॉर योर चाइल्ड्स डेवलपिंग इम्यून सिस्टम’ में दो विशेषज्ञों डॉ जॉन गिलबर्ट और रॉब नाइट ने इस पर विस्तार से चर्चा की है। इनका कहना है कि घरों में बंद रहने की शहरी जीवनशैली बच्चों के स्वस्थ विकास में बाधक बन रही है। इन विशेषज्ञों की मानें तो थोड़ी-बहुत धूल-मिट्टी और कीटाणु कई गंभीर बीमारियों के प्रति बच्चों का प्रतिरोधक तंत्र विकसित होने में अहम भूमिका निभाते हैं।

इस किताब की सह-लेखिका और न्यूयॉर्क टाइम्स की विज्ञान पत्रकार सैंड्रा ब्लेकस्ली का कहना है कि सूक्ष्म जीवों और कीटाणुओं से हमारा दो-चार होना बेहद जरूरी है। बचपन में इनका साथ हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को विकसित करने में अहम होता है। किताब में कहा गया है कि एक्जीमा, दमा और बच्चों को होने वाली डायबिटीज का खतरा उन बच्चों को सबसे ज्यादा होता है जो बचपन में कभी मिट्ट के या पालतू जानवरों के संपर्क में नहीं रहे होते हैं।

किताब के सभी लेखकों का कहना है कि रोग प्रतिरोधक तंत्र को मजबूत होने के लिए इस तरह का माहौल जरूरी है, ऐसा नहीं होने पर बिमारियों के प्रति हमारे शरीर की प्रतिक्रिया निर्धारित होने में ज्यादा परेशानी होगी। डॉ. गिलबर्ट ने कहा है कि पिछले 150 वर्ष में जब से लोगों ने यह समझा है कि सूक्ष्म जीव बीमारियों का कारण होते हैं। तभी से हमारी कोशिश बच्चों को तमाम तरह की फफूंदी, विषाणु और जीवाणुओं से दूर रखने की रही है।

स्वच्छता की चाह के कारण उबले पानी, पाश्चरीकृत दूध का इस्ताल बढ़ा है और इससे गंदगी के कारण होने वाली मौतों में वैश्विक स्तर पर कमी आई है। हालांकि इसका सबसे ज्यादा खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। डॉ. गिलबर्ट का कहना है कि बच्चों के लिए जरूरत से ज्यादा स्वच्छ और सुरक्षित माहौल रोग प्रतिरोधक तंत्र के अलावा हॉर्मोन उत्पादन का तंत्र और तंत्रिका तंत्र के विकास को प्रभावित करता है।

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पिछले हफ्ते प्रकाशित कनाडा स्थित यूनीवर्सिटी ऑफ अल्बर्टा के विशेषज्ञों के एक शोध में कहा गया है कि बहुत कम उम्र में पालतु जानवर के संपर्क में रहने वाले बच्चों में डायबिटीज, मोटापे और कुछ संक्रमण का खतरा कम होता है। इनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता गंदगी और बैक्टीरिया से लड़ने में विकसित हो जाती है।

सुझाव:
- बच्चों के विकास और अभिभावकों के लिए सुझावों पर आधारित किताब में दो विशेषज्ञों ने विस्तार से चर्चा की
- थोड़ी-बहुत धूल-मिट्टी और कीटाणु की कई गंभीर बीमारियों के प्रति बच्चों का प्रतिरोधक तंत्र विकसित होने में अहम भूमिका

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