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झारखंड में रेलवे ने बनाया तिलचट्टे व चूहे मारने का नया विभाग

झारखंड में रेलवे ने बनाया तिलचट्टे व चूहे मारने का नया विभाग

रेलवे के मैकेनिकल विभाग के कर्मचारी अब ट्रेनों में तिलचट्टे भी मारेंगे। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि ट्रेनों की साफ-सफाई और स्टेशन के विभिन्न कार्यालयों में चूहे तथा तिलचट्टे मारने की दवा डालने के लिए एक नया विभाग बनाया जा रहा है। इसमें मैकेनिकल विभाग के भी कर्मचारी शामिल होंगे।

यात्रियों की शिकायत पर लिया फैसला

यात्रियों की शिकायत पर रेलवे बोर्ड ने ये कदम उठाया है। इसके तहत ट्रेनों में स्वच्छ वातावरण के साथ ही पर्यावरण सुरक्षा और सफाई के लिए रेलवे में नए विभाग का खाका लगभग तैयार हो गया है। इस विभाग का नाम पर्यावरण सुरक्षा व सफाई (एनवायरमेंट एंड हाउस कीपिंग) होगा। इसमें वाणिज्य, मैकेनिकल व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी तथा कर्मचारी शामिल किए जाएंगे। इसी क्रम में चक्रधरपुर मंडल में सफाई को लेकर एक नए अधिकारी की तैनाती की भी तैयारी चल रही है। ये पूरी व्यवस्था पर नजर रखेगा।

अभी तक ये है व्यवस्था

अभी टाटानगर वॉशिंग यार्ड में धुलाई के दौरान कैरेज एंड वैगन विभाग के कर्मचारी ट्रेनों की बोगियों में तिलचट्टे मारने के लिए स्प्रे करते हैं। जबकि, सप्ताह में दो बार सभी बोगियों को बंद कर फॉगिंग कराते हैं।

नए विभाग की जिम्मेदारी

चक्रधरपुर मंडल में पर्यावरण सुरक्षा व सफाई विभाग के कर्मचारी ट्रेनों की बोगियों में सफाई तथा बेडरोल (कंबल एवं चादर) की स्थिति समेत रिटायरिंग रूम व डॉरमेट्री की व्यवस्था पर भी नजर रखेंगे।

पार्सल में चूहे मारने की दवा

वाणिज्य विभाग ने चूहे मारने का टेंडर एक निजी एजेंसी को दिया है। इसके कर्मचारी पार्सल व स्टेशन के अन्य विभागों में हर दो-तीन दिन में दवा डालते हैं। लेकिन, अब सभी तरह के काम नए विभाग की देखरेख में होंगे।

हर फेरे में सफाई

टाटानगर के प्रभारी स्टेशन प्रबंधक ओपी शर्मा के अनुसार यहां से खुलने वाली आठ एक्सप्रेस और चार पैसेंजर ट्रेनों में दवा का छिड़काव नियमित रूप से होता है।

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  • Web Title: new department for cockroaches and rats in railways